हेलीकॉप्टर में पैसेंजर्स को भी लगाने होते हैं हेडफोन मगर प्लेन में सिर्फ पायलट ही लगाते हैं... जानिए ऐसा क्यों?
दरअसल, पायलट के लिए हेडफोन लगाना अनिवार्य होता है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उन्हें लगातार एयर ट्रैफिक कंट्रोल के संपर्क में रहना पड़ता है.
एयर ट्रैफिक कंट्रोल ही उन्हे प्लेन को उड़ाने के लिए जरूरी दिशा निर्देश देता है, जिसके अनुसार उन्हें प्लेन को उड़ाना होता है. बिना एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देशों को न ही प्लेन को सुरक्षित उड़ाया जा सकता है और न ही लैंड कराया जा सकता है.
पायलट को इमरजेंसी की स्थिति में यात्रियों को जरूरी सूचना भी देनी होती है. जिसे सभी यात्री सेंट्रल ऑडियो सिस्टम पर सुनते हैं. क्योंकि प्लेन अंदर से बहुत ज्यादा साइलेंट होते हैं. इसलिए यात्रियों को हेडफोन की कोई जरूरत नहीं होती है.
चूंकि पायलट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से कॉन्टैक करना होता है इसलिए उन्हें हेडफोन पहनना पड़ता है. इसी में उन्हें निर्देश सुनाई देते हैं.
हेलीकॉप्टर में ऐसा नहीं होता है. ये बहुत ज्यादा आवाज करते हैं. ऐसे में इसमें बैठे लोगों को एक दूसरे की आवाज अच्छे से समझ आ पाए इसके लिए सभी लोगों को हेडफोन लगाना पड़ता है.