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Petrol Vs Diesel Price: जब कच्चे तेल से ही बनते हैं पेट्रोल और डीजल तो क्यों होता है दाम में फर्क, जानें क्या है वजह?

स्पर्श गोयल   |  10 Apr 2026 09:57 AM (IST)

Petrol Vs Diesel Price: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से क्रूड ऑयल की सप्लाई में रुकावट देखने को मिली है. पेट्रोल और डीजल दोनों ही कच्चे तेल से रिफाइन किए जाते हैं, लेकिन उनकी कीमतें एक जैसी नहीं होती. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

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पेट्रोल और डीजल को कच्चे तेल से अलग-अलग तापमान पर फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन नाम की एक रिफायनिंग प्रक्रिया के दौरान अलग किया जाता है. पेट्रोल कम तापमान पर मिलता है और डीजल थोड़े ज्यादा तापमान पर. हालांकि डीजल को रिफाइन करना आमतौर पर सस्ता होता है, लेकिन पेट्रोल बनाने में लगने वाली जटिलता और ऊर्जा की जरूरत इसकी कीमत को बढ़ा सकती है.

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भारत में कीमतों में अंतर का सबसे बड़ा कारण टैक्स है. सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और राज्य स्तरीय VAT अलग-अलग तरीके से लगाती है. पारंपरिक रूप से डीजल पर कम टैक्स लगाया जाता रहा है ताकि कृषि और परिवहन जैसे उन क्षेत्रों को मदद मिल सके जो इस पर काफी ज्यादा निर्भर हैं. पेट्रोल को एक निजी इस्तेमाल वाला ईंधन माना जाता है, इस वजह से इस पर ज्यादा टैक्स है.

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वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की मांग के पैटर्न अलग-अलग होते हैं. डीजल का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रक, बस और उद्योग में होता है. वहीं पेट्रोल का इस्तेमाल निजी वाहनों में ज्यादा होता है. अगर डीजल की वैश्विक मांग बढ़ती है तो इसकी कीमत पेट्रोल से अलग भी बढ़ सकती है.

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रिफाइनरियों से पेट्रोल पंप तक ईंधन पहुंचाने और उसे सुरक्षित रूप से भंडारित करने की लागत भी कीमतों को प्रभावित करती है. डीजल और पेट्रोल को संभालने और भंडारित करने के लिए थोड़ी अलग-अलग स्थिति की जरूरत होती है. यही वजह है कि लॉजिस्टिक्स की लागत प्रभावित हो सकती है.

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ऐतिहासिक रूप से भारत में डीजल पर सब्सिडी दी जाती थी ताकि जरूरी सामान और सेवा सस्ती बनी रहे. हालांकि समय के साथ सीधी सब्सिडी कम हो गई है फिर भी पेट्रोल की तुलना में अभी भी कम टैक्स लगाया जाता है.

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अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, भू राजनीतिक तनाव और मुद्रा विनिमय दर भी ईंधन की कीमत को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है. क्योंकि पेट्रोल और डीजल की वैश्विक मांग के रुझान अलग-अलग होते हैं, इस वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिति के आधार पर इनकी कीमतें घट-बढ़ सकती हैं.

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