जापान में क्यों खत्म होते जा रहे युवा, कब पूरी तरह बुजुर्ग बन जाएगा देश?

Japan Population Crisis: जापान एक गंभीर डेमोग्राफिक संकट का सामना कर रहा है क्योंकि जन्म दर में गिरावट और औसत उम्र बढ़ने से देश में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. फर्टिलिटी रेट के रिकार्ड निचले स्तर 1.14 पर पहुंचने और सीनियर सिटीजन की आबादी बढ़ने के साथ जापान एक सुपर एज्ड सोसाइटी बनने की तरफ बढ़ रहा है. आइए जानते हैं कि कितने सालों में यह देश पूरी तरह बुजुर्ग बन जाएगा.
जापान की फर्टिलिटी रेट गिरकर 1.14 के रिकार्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है. यह स्थिर आबादी बनाए रखने के लिए जरूरी 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल से काफी कम है. इस गिरावट से युवा आबादी कम हो रही है और लंबे समय की डेमोग्राफिक चुनौती पैदा हो रही है.
जापान की लगभग 30% आबादी पहले से ही 65 साल या फिर उससे ज्यादा उम्र की है. इससे यह देश दुनिया के सबसे ज्यादा बुजुर्ग आबादी वाले देश में शामिल हो गया है. बेहतर हेल्थ केयर और औसत उम्र बढ़ने से बुजुर्ग निवासियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है.
जापान में 100 साल या फिर उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 1 लाख से ज्यादा है. यह देश के लिए एक नया रिकॉर्ड है. इतने ज्यादा बुजुर्गों का होना औसत उम्र में लगातार बढ़ोतरी और जापानी समाज के तेजी से बूढ़े होने को दिखाता है.
काम के लंबे घंटे और काम करने से मौत की समस्या की वजह से युवाओं के लिए रिश्ते और पारिवारिक जीवन को आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है. मुश्किल नौकरी के दबाव की वजह से कर्मचारियों के पास शादी और बच्चों के लिए काफी कम समय और ऊर्जा बचती है.
बच्चों के देखभाल और हायर एजुकेशन के महंगे होने की वजह से कई युवा जोड़े बच्चे पैदा करने या फिर बड़े परिवार बनाने से हिचकिचाते हैं.
जापान के कॉरपोरेट और सामाजिक ढांचे की वजह से महिलाओं के लिए करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बैठाना काफी मुश्किल होता है. यही वजह है कि काम जगह पर फ्लैक्सिबिलिटी कम होने की वजह से कुछ महिलाएं शादी या बच्चे पैदा करने के बजाय अपने प्रोफेशनल करियर को प्राथमिकता दे रही हैं.
सख्त इमीग्रेशन पॉलिसी और लगभग तीन प्रतिशत विदेशी आबादी होने की वजह से जापान अपनी घटती युवा वर्कफोर्स के कमी को पूरा करने में सीमित रहा है.
2070 तक जापान की आबादी घटकर लगभग 8.7 करोड़ हो सकती है. इसमें से लगभग 40% लोग 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के होंगे.