Migratory Birds: पक्षियों की फेवरेट डेस्टिनेशन क्यों है भारत, ठंड आते ही क्यों शुरू कर देते हैं अलग-अलग देशों से प्रवास?
पक्षी इस वजह से प्रवास करते हैं क्योंकि साइबेरिया, आर्कटिक और मंगोलिया जैसे काफी ठंडे इलाकों में खाने की कमी हो जाती है. जैसे-जैसे झील जम जाती है और कीड़े मकोड़े गायब हो जाते हैं वहां पर जिंदा रहना मुश्किल हो जाता है. भारत मछली, कीड़े मकोड़े, जलीय पौधों और अनाज के रूप में भरपूर भोजन देता है.
उत्तरी इलाकों में शून्य से भी नीचे का तापमान, भारी बर्फबारी और जमी हुई वेटलैंड्स घोंसला बनाने और जिंदा रहने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं होते हैं. पक्षी इन मुश्किल परिस्थितियों से बचने के लिए दक्षिण की तरफ प्रवास करते हैं और भारत में बस जाते हैं.
भारत सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे पर बसा है. यह दुनिया के सबसे जरूरी प्रवासी पक्षी रास्तों में से एक है. यह प्राकृतिक हवाई गलियारा आर्कटिक और मध्य एशिया को हिंद महासागर से जोड़ता है.
जब उत्तरी हेमिस्फीयर का ज्यादातर हिस्सा काफी ज्यादा ठंड की चपेट में आ जाता है तो भारत में थोड़ा ठीक मौसम होता है. यह स्थिर मौसम पक्षियों को ऊर्जा बचाने, मौसम संबंधी खतरों से बचने और सर्दियों के महीनों में फलने फूलने में मदद करता है.
भारत में वेटलैंड, झील, नदियां और तटीय क्षेत्र का एक बड़ा नेटवर्क है. केवलादेव नेशनल पार्क, चिल्का झील और कच्छ का रण जैसी जगहों पर भरपूर भोजन के मैदान और आराम करने की जगह है.
भारत में शिकार प्रतिबंधित है और वन विभाग इन जगहों की सक्रिय रूप से रक्षा करता है. जिस वजह से प्रवासी पक्षियों को सुरक्षा की भावना मिलती है.