गोवा में कभी भी हुकूमत क्यों नहीं जमा पाए अंग्रेज और मुगल, क्या है इसके पीछे का इतिहास
गोवा करीब 400 सालों तक पुर्गालियों के अधीन रहा है. मुगल साम्राज्य भारत के बड़े हिस्से में फैला था, लेकिन यहां उनका राज नहीं है.
17वीं शताब्दी में मुगलों ने यहां कब्जा जमाना चाहा तो उनको इसका विरोध झेलना पड़ा था.
पुर्तगालियों ने मजबूत किलाबंदी की और समुद्री ताकत की वजह से वह मुगलों से बच गया.
दरअसल मुगलों को उत्तर भारत समेत अन्य इलाकों में भी कई तरह की चुनौतियों से निपटना था, इसलिए गोवा पर उनका ध्यान कम ही गया. इसी वजह गोवा मुगलिया शासन से अछूता रहा.
ब्रिटिश भी यहां राज नहीं जमा पाए. उनके पास गोवा पर कब्जे के मौके थे, लेकिन उन्होंने गोवा को गोवा को औपनिवेशिक सीमा में शामिल नहीं किया बल्कि कूटनीतिक चाल चली.
एंग्लो और पुर्तगालियों के संबंध अच्छे थे, इसके जरिए ब्रिटिशों ने गोवा को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ दिया, जिससे व्यापार बढ़ा.
इसके बदले अंग्रेजों ने पुर्तगालियों के प्रशासन को गोवा में बनाए रखा. इस वजह से दोनों का फायदा रहा.