✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

Summer Heat: मई-जून में ही क्यों पड़ती है गर्मी, क्या सूरज दादा को पता है नीचे कौनसा महीना चल रहा है? यहां जानिए

स्पर्श गोयल   |  18 Jun 2026 02:20 PM (IST)
Summer Heat: मई-जून में ही क्यों पड़ती है गर्मी, क्या सूरज दादा को पता है नीचे कौनसा महीना चल रहा है? यहां जानिए

Summer Heat: हर साल जैसे ही मई और जून आता है भारत के ज्यादातर हिस्सों में तापमान बढ़ जाता है. लू चलने लगती है और साथ ही दोपहर के समय बाहर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है. काफी लोग ऐसा सोचते हैं कि क्या सूरज को किसी तरह यह पता चल जाता है कि पृथ्वी पर कौन सा महीना चल रहा है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब और साथ ही यह भी कि मई और जून में ही क्यों पड़ती है गर्मी.

1

पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है. मई और जून के समय नॉर्दर्न हेमिस्फीयर धीरे-धीरे सूरज की तरफ ज्यादा सीधे झुक जाता है. क्योंकि भारत नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में है इस वजह से इस समय यहां पर तेज धूप आती है और तापमान में काफी ज्यादा वृद्धि देखने को मिलती है.

Continues below advertisement
2

वसंत के खत्म होने और गर्मियों की शुरुआत में सूरज की किरणें भारत पर काफी ज्यादा तीव्र कोण से हमला करती हैं. सीधी किरणें सौर ऊर्जा को एक छोटे क्षेत्र में केंद्रित करती है जिस वजह से जमीन तेजी से गर्म होती है. यही वजह है कि मई और जून के दौरान तापमान सर्दियों के महीनों की तुलना में काफी ज्यादा होता है.

Continues below advertisement
3

जैसे-जैसे गर्मियां आती हैं दिन के उजाले बढ़ जाते हैं और रात छोटी हो जाती हैं. 21 जून के आसपास नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में साल का सबसे लंबा दिन होता है. सूरज की रोशनी के ज्यादा घंटे होने की वजह से जमीन लंबे समय तक गर्मी को अब्जॉर्ब करती है. इस वजह से पूरे दिन तापमान बढ़ता रहता है.

4

न सिर्फ दिन बड़े होते हैं बल्कि रातें भी छोटी हो जाती हैं. इस वजह से पृथ्वी की सतह को दिन के दौरान जमा हुई गर्मी को छोड़ने के लिए कम समय मिलता है. यही वजह है कि सूर्यास्त के बाद भी तापमान बढ़ा हुआ रहता है.

5

मई और जून भारत के ज्यादातर हिस्सों में प्री मॉनसून सीजन के अंदर आते हैं. इस चरण के दौरान ह्यूमिडिटी अक्सर कम होती है और आसमान साफ रहता है. आने वाली सूरज की रोशनी को रोकने के लिए कम बादलों की वजह से सोलर रेडिएशन काफी ज्यादा जमीन तक पहुंचती है जिससे तापमान में और बढ़ोतरी होती है.

6

मानसून आते ही काफी ज्यादा गर्मी कम होने लगती है. बारिश और वातावरण में बढ़ी हुई नमी सूरज के सीधे ताप को कम करती है. इसी के साथ धरती की सतह को ठंडा करने में मदद करती है. यही वजह है कि सूरज के चमकते रहने के बावजूद जुलाई में तापमान आमतौर पर गिरना शुरू हो जाता है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Summer Heat: मई-जून में ही क्यों पड़ती है गर्मी, क्या सूरज दादा को पता है नीचे कौनसा महीना चल रहा है? यहां जानिए
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.