Black Hole Sound: ब्लैक होल के पास से क्यों आती हैं आवाजें, क्या है इसका रहस्य?

Black Hole Sound: दशकों से ब्लैक होल को शांत कॉस्मिक मॉन्स्टर के तौर पर देखा जाता रहा है. यह स्पेस में ऐसे हिस्से है जो इतने घने होते हैं की रोशनी भी उनकी ग्रेविटी से बच नहीं सकती. कहा जाता है कि ब्लैक होल के पास से अजीब आवाज आती है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.
ब्लैक होल असल में काफी ज्यादा डेंसिटी वाला एक ग्रेविटेशनल सेंटर होता है. अब क्योंकि स्पेस ज्यादातर खाली होता है इस वजह से साउंड वेव नैचुरली उस तरह से नहीं चल सकती जैसे वह पृथ्वी पर चलती हैं. इसका मतलब है कि ब्लैक होल पारंपरिक तरीके से आवाज नहीं बनाता.
वैसे तो स्पेस काफी हद तक एक वैक्यूम है लेकिन गैलेक्सी क्लस्टर में काफी ज्यादा गर्म गैस होती है. जब कोई सुपर मैसिव ब्लैक होल मैटर को अंदर खींचता है या पावरफुल एनर्जी जेट निकलता है तो यह इस गैस में प्रेशर वेव्स बनाता है. ये रिपल्स गैस में वैसे ही चलती है जैसे साउंड वेव हवा में चलती है.
2022 में नासा ने पर्सियस गैलेक्सी क्लस्टर के केंद्र में ब्लैक होल से इकट्ठा किए गए डेटा के आधार पर ऑडियो रिलीज किया था. ओरिजिनल वेव्स काफी कम फ्रीक्वेंसी की थी. मिडिल सी से लगभग 57 ऑक्टेव नीचे. यह इंसान की सुनने की क्षमता से कहीं ज्यादा थी. साइंटिस्ट ने सोनिफिकेशन नाम की प्रक्रिया में फ्रीक्वेंसी को 144-288 क्वाड्रिलियन गुना बढ़ा दिया. इससे डेटा सुनाई देने वाली साउंड में बदल गया.
जब नासा ने मॉडिफाइड ऑडियो रिलीज की तो सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी तुलना पवित्र मंत्र 'ओम' से की. साइंटिफिक तौर पर यह समानता सिर्फ एक इत्तेफाक है. आवाज बढ़ी हुई कॉस्मिक प्रेशर वेव को रिफ्लेक्ट करती हैं. लेकिन इसकी टोन उन फ्रीक्वेंसी से मैच करती है जिन्हें इंसान गहरे, मेडिटेशन वाले वाइब्रेशन से जोड़ते हैं.
ब्लैक होल की आवाज का एक और सोर्स ग्रेविटेशनल वेव्स से आता है. यह दो ब्लॉक होल्स के टकराने पर पता चलती है. एलआईजीओ जैसी ऑब्जर्वेटरी ने स्पेस टाइम में इन कॉस्मिक रिपल्स को रिकॉर्ड किया है. जब ऑडियो सिग्नल में कन्वर्ट किया जाता है तो डेटा छोटी चिर पिट जैसी आवाज पैदा करता है.
ब्लैक होल की आवाजों के पीछे सबसे बड़ा सीक्रेट टेक्नोलॉजिकल इंटरप्रिटेशन है. हम जो सुनते हैं वह स्पेस में ट्रैवल करने वाली आवाज नहीं है बल्कि साइंटिफिक डेटा है.