लाइट ऑफ करके ही फिजिकल रिलेशन क्यों बनाते हैं लोग, कपल्स को क्यों पसंद आता है अंधेरा?

कपल्स की जिंदगी में इंटीमेट पल किसी जादू से कम नहीं होते. ये वही लम्हे होते हैं जब दो लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं और पूरी तरह से खो जाते हैं. अक्सर आपने ध्यान दिया होगा कि ज्यादातर कपल्स इन पलों को जीने के लिए लाइट बंद करना पसंद करते हैं. आखिर क्यों? क्या इसका राज सिर्फ दिल और दिमाग से जुड़ा है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह भी छिपी है? आइए जानते हैं कि अंधेरा आखिर क्यों रिश्तों की नजदीकियों को और भी खास बना देता है.
सबसे पहले बात करते हैं मेलाटोनिन हार्मोन की. यह वही हार्मोन है जो हमारे शरीर को रिलैक्स करता है और नींद लाने में मदद करता है. अंधेरे में इस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे इंसान अधिक सहज और तनावमुक्त महसूस करता है.
जब दिमाग शांत होता है तो नजदीकियों का एहसास और भी गहरा हो जाता है. इसके अलावा, अंधेरे का एक और असर होता है, शरीर में डोपामिन और ऑक्सीटोसिन जैसे हैप्पी हार्मोन का स्राव बढ़ना कहते हैं.
ये हार्मोन कपल्स के बीच आत्मीयता और प्यार को गहराई देते हैं. इन्हें अक्सर लव हार्मोन भी कहा जाता है, क्योंकि ये दो लोगों के बीच जुड़ाव और अपनापन बढ़ाते हैं.
अंधेरे में एक और खास चीज होती है और वो है विज़ुअल स्टिम्युलेशन कम हो जाना. यानि जब आंखें बहुत कुछ नहीं देख पातीं, तो शरीर की बाकी इंद्रियां ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं. स्पर्श और खुशबू की संवेदनाएं तेज हो जाती हैं.
इसका असर यह होता है कि हर स्पर्श, हर सांस और हर धड़कन पहले से ज्यादा गहरी और रोमांटिक महसूस होती है. रोशनी में कभी-कभी इंसान ज्यादा आत्म-सचेत हो जाता है.
इसलिए शरीर के बारे में झिझक या हिचक महसूस होने लगती है. इसका सीधा असर कोर्टिसोल (तनाव वाले हार्मोन) पर पड़ता है, जो बढ़ने लगता है.
वहीं, अंधेरे में यह स्तर घट जाता है और मूड बेहतर हो जाता है. इसीलिए कपल्स खुलकर और ज्यादा सहज होकर एक-दूसरे को महसूस कर पाते हैं.