✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

Injection: गोली के मुकाबले इंजेक्शन लगाने से क्यों मिल जाती है जल्द राहत, क्या है इसके पीछे का साइंस?

स्पर्श गोयल   |  07 Jul 2026 05:41 PM (IST)
Injection: गोली के मुकाबले इंजेक्शन लगाने से क्यों मिल जाती है जल्द राहत, क्या है इसके पीछे का साइंस?

Injection: चाहे कोई भी गंभीर संक्रमण हो, तेज दर्द हो या फिर कोई भी परेशानी हो डॉक्टर अक्सर गोलियों के बजाय इंजेक्शन को ही प्राथमिकता देते हैं. क्योंकि वे काफी ज्यादा तेजी से काम करना शुरू कर देते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

1

एक गोली पहले पेट में घुलती है उसके बाद रक्तप्रवाह में जाने से पहले छोटी आंत के जरिए अब्जॉर्ब होती है. इसके उलट एक इंजेक्शन इस प्रक्रिया के ज्यादातर हिस्से को बायपास कर देता है, जिस वजह से दवा काफी जल्दी काम करना शुरू कर देती है.

Continues below advertisement
2

अब्जॉर्ब होने के बाद मुंह से ली गई दवाई सबसे पहले लीवर से होकर गुजरती है. यहां दवा का कुछ हिस्सा टूट जाता है. यह प्रक्रिया जिसे फर्स्ट पास मेटाबॉलिज्म के रूप में भी जाना जाता है, रक्तप्रवाह में पहुंचने वाली दवा की मात्रा को कम कर देती है.

Continues below advertisement
3

एक intravenous (IV) इंजेक्शन दवा को पेट या फिर लीवर से गुजरे बिना सीधे रक्तप्रवाह में पहुंचाता है. यही वजह है की दवा 100% जैवउपलब्धता प्राप्त कर लेती है. इससे यह लगभग तुरंत काम करना शुरू कर देती है.

4

पाचन और चयापाचन की वजह से गोली को अपना असर पैदा करने में आमतौर पर 20 से 40 मिनट या फिर उससे ज्यादा का समय लग सकता है. हालांकि इंजेक्शन कुछ ही सेकंड से लेकर 2 या 3 मिनट के अंदर काम करना शुरू कर सकते हैं.

5

हर इंजेक्शन एक ही रफ्तार से काम नहीं करता. IV इंजेक्शन सबसे तेज काम करते हैं, IM इंजेक्शन थोड़े धीमे होते हैं क्योंकि दवा मांसपेशियों के टिशूज के जरिए से अब्जॉर्ब होती है. इसी के साथ SC इंजेक्शन त्वचा के नीचे वसायुक्त परत से धीरे-धीरे दवा छोड़ते हैं.

6

डॉक्टर रोगी की स्थिति और जिस रफ्तार से उपचार की जरूरत है उसके आधार पर दवा देने के तरीके का चयन करते हैं.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Injection: गोली के मुकाबले इंजेक्शन लगाने से क्यों मिल जाती है जल्द राहत, क्या है इसके पीछे का साइंस?
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.