नारियल तेल की बोतल गोल ही क्यों होती है, चूहों की वजह से क्यों लिया गया ऐसा फैसला?
जब कंपनियों ने नारियल के तेल को टीन के डिब्बे से निकालकर प्लास्टिक के चौकोर यानी स्क्वायर आकार के डिब्बों में भरना शुरू किया, तो चूहों ने दुकानों में रखे सभी डिब्बों को कुतरना शुरू कर दिया था, जिससे दुकानदारों को काफी नुकसान होता था.
लोगों की दुकानों और गोदामों में रखे नारियल तेल के प्लास्टिक के चौकोर आकार के डिब्बे चूहों के हमले सहन नहीं कर पा रहे थे. चूहे बड़ी आसानी से इन चौकोर आकार के डिब्बों को काट दिया करते थे. वे नारियल तेल की सुगंध से आकर्षित होकर डिब्बों को कुतर देते थे.
गोल आकार के डिब्बे होने की वजह से वे चूहों के दांतों में आसानी से फंसते नहीं थे, क्योंकि चौकोर आकार के डिब्बों के किनारों को चूहे आसानी से अपने दांतों से कुतर लिया करते थे. इसके अलावा, बोतल की पैकिंग ऐसी की गई कि तेल की महक बाहर न आए.
चूहों की इस समस्या से परेशान होकर मैरिको (Marico) नाम की कंपनी ने नारियल तेल को चौकोर आकार के प्लास्टिक डिब्बों की बजाय गोल आकार के प्लास्टिक डिब्बों में भरना शुरू कर दिया.
मैरिको (Marico) कंपनी वही कंपनी है, जिसके नारियल तेल का इस्तेमाल हम सभी लोग अपने बालों और शरीर पर लगाने के लिए करते हैं. पैराशूट कंपनी का कोकोनट ऑयल इसी कंपनी का ब्रांड है, जो भारत में कोकोनट ऑयल की श्रेणी में काफी ज्यादा लोकप्रिय है.
मैरिको (Marico) कंपनी के इस छोटे से “इंजीनियरिंग बदलाव” ने चूहों से तेल को बचा लिया और आज यही वजह है कि लगभग हर ब्रांड का नारियल तेल गोल बोतल में ही आता है.