अंतरिक्ष में क्यों नहीं सुनाई देती कोई आवाज, जान लीजिए इसकी वजह

Sound In Space: आवाज एक ऐसी चीज है जिसे हम धरती पर हर जगह महसूस करते हैं. लेकिन अंतरिक्ष का माहौल पृथ्वी से बिल्कुल अलग है. ब्रह्मांड में होने वाले सबसे जबरदस्त धमाके भी ऐसी आवाज पैदा नहीं कर पाते जो अंतरिक्ष के खालीपन से गुजर कर हमारे कानों तक पहुंच सके. आइए जानते हैं कि आखिर अंतरिक्ष में कोई आवाज क्यों नहीं सुनाई देती.
धरती के वायुमंडल की तुलना में अंतरिक्ष में काफी कम कण होते हैं. कंपन को आगे ले जाने के लिए जरूरी कणों के बिना सामान्य आवाज अंतरिक्ष में यात्रा नहीं कर सकती.
आवाज एक मैकेनिकल तरंग है और इसे आगे बढ़ने के लिए हवा, पानी या फिर ठोस चीज जैसे जरीए की जरूरत होती है. आवाज के उलट इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग वैक्यूम से गुजर सकती हैं.
सुपरनोवा, तारों की टक्कर और अंतरिक्ष में होने वाले दूसरे बड़े धमाके काफी ज्यादा ऊर्जा छोड़ सकते हैं. लेकिन उनका शोर अंतरिक्ष के वैक्यूम से गुजरकर दूर बैठे किसी व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता.
जब भी कोई धरती पर बोलता है तो कंपन आसपास की हवा के कणों से होकर गुजरती है. यही कंपन आखिरी में दूसरे व्यक्तियों के कान तक पहुंचती है जिससे दिमाग उन्हें आवाज के तौर पर समझ पाता है.
अंतरिक्ष खुद शांत है मगर अंतरिक्ष यान के अंदर अंतरिक्ष यात्री एक दूसरे की बात सुन सकते हैं. इसके पीछे की वजह यह है कि अंतरिक्ष यान में हवा होती है. यह एक माध्यम का काम करती है जिससे आवाज की तरंग यात्रा कर सकती है.
रोशनी एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग है और इसे अंतरिक्ष में यात्रा करने के लिए किसी भी चीज की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि हम तारे और दूर की आकाशगंगा देख पाते हैं. फिर भले ही उनकी आवाज हम तक न पहुंचे.
अंतरिक्ष यात्री खुले अंतरिक्ष में एक दूसरे को चिल्लाकर कुछ भी नहीं कह सकते. वे रेडियो कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि रेडियो तरंगे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग होती हैं जो वैक्यूम से होकर गुजर सकती हैं.
अगर गैस, तरल या फिर अंतरिक्ष यान के वायुमंडल जैसा कोई सही मध्य मौजूद हो तो कंपन से आवाज पैदा हो सकती है और आगे बढ़ सकती है.