दुनिया के टॉप देश जहां नल का पानी ही है 100% मिनरल वॉटर, देख लीजिए पूरी लिस्ट
संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, धरती पर मौजूद कुल पानी का सिर्फ 2.5% से 3% हिस्सा ही मीठा पानी (Freshwater) है. इसमें से भी बहुत कम हिस्सा सीधे पीने लायक है. इसी वजह से साफ और सुरक्षित पेयजल आज बड़ी चुनौती है. कई देशों में पानी की गुणवत्ता खराब है, जबकि कुछ देश इस मामले में दुनिया में आगे हैं.
दुनिया में पानी की गुणवत्ता मापने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय सूचकांक हैं. इनमें प्रमुख है Yale University और Columbia University द्वारा जारी किया जाने वाला Environmental Performance Index (EPI).
EPI में पानी की स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन जैसे मानकों पर देशों को अंक दिए जाते हैं. हालिया रिपोर्ट्स में यूरोप और नॉर्डिक देशों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है.
Switzerland को दुनिया के सबसे साफ पानी वाले देशों में गिना जाता है. यहां का पानी ग्लेशियर, पहाड़ों और झीलों से आता है. सरकार ने जल गुणवत्ता पर सख्त नियम बनाए हैं. नल का पानी नियमित रूप से जांचा जाता है और बिना उबाले पीने योग्य होता है.
फिनलैंड में हजारों झीलें हैं. यहां का पानी प्राकृतिक स्रोतों से आता है और प्रदूषण बहुत कम है. EPI में फिनलैंड को जल गुणवत्ता के मामले में उच्च अंक मिले हैं. यहां लोग सीधे नल का पानी पीते हैं.
नॉर्वे में पहाड़ी स्रोतों और बर्फ से पिघलने वाले पानी का इस्तेमाल होता है. सरकारी नियंत्रण और कम औद्योगिक प्रदूषण की वजह से यहां पानी बेहद साफ माना जाता है.
आइसलैंड का पानी ज्वालामुखीय चट्टानों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक फिल्टर का काम करती हैं. यहां का पानी इतना साफ है कि बोतलबंद पानी की खपत बहुत कम है. पर्यटक भी सीधे नल का पानी पी सकते हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रिया, ग्रीस, आयरलैंड, माल्टा, नीदरलैंड और यूके का पानी भी बेहद साफ है.