इन देशों का एक जैसा है झंडा, जानें लिस्ट में कौन-कौन शामिल
चाड और रोमानिया के झंडे दुनिया के सबसे ज्यादा मिलते-जुलते झंडों में गिने जाते हैं. दोनों में नीली, पीली और लाल रंग की खड़ी पट्टियां होती हैं. फर्क बस रंगों के हल्के-गहरे शेड में है, जो ध्यान से देखने पर ही समझ आता है. रोमानिया का झंडा 19वीं सदी से चला आ रहा है, जबकि चाड ने 1959 में आजादी के बाद अपना झंडा अपनाया. पहले चाड के झंडे में हरा रंग था, लेकिन वह माली के झंडे जैसा लगने लगा, इसलिए उसे बदलकर नीला कर दिया गया.
सेनेगल और माली के झंडे भी देखने में काफी समान हैं. दोनों में हरा-पीला-लाल रंग की ऊर्ध्वाधर पट्टियां होती हैं. सेनेगल के झंडे की पहचान उसकी बीच वाली पीली पट्टी पर बना हरा तारा है. माली के झंडे में कोई प्रतीक नहीं होता, गिनी का झंडा भी इनसे मिलता है, लेकिन उसमें रंगों का क्रम उल्टा होता है.
इंडोनेशिया और मोनाको के झंडे पहली नजर में बिल्कुल एक जैसे लगते हैं. ऊपर लाल और नीचे सफेद रंग की क्षैतिज पट्टियां होती हैं. फर्क सिर्फ झंडे के आकार में है. इंडोनेशिया का झंडा उसके प्राचीन माजापाहित साम्राज्य से जुड़ा है. मोनाको का झंडा वहां के राजघराने के रंगों पर आधारित है. पोलैंड का झंडा भी इससे मिलता-जुलता है, लेकिन उसमें सफेद ऊपर और लाल नीचे होता है.
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के झंडों की बनावट ब्रिटेन से प्रभावित है. दोनों में नीले रंग की पृष्ठभूमि पर यूनियन जैक बना होता है. दोनों में सदर्न क्रॉस (दक्षिणी क्रॉस) तारामंडल दिखाया गया है. ऑस्ट्रेलिया के झंडे में ज्यादा तारे और एक बड़ा राष्ट्रमंडल तारा होता है. न्यूजीलैंड के झंडे में चार लाल तारे होते हैं.
रूस, स्लोवेनिया और स्लोवाकिया, इन तीनों देशों के झंडों में सफेद, नीला और लाल रंग की क्षैतिज पट्टियां होती हैं. रूसी झंडा सबसे पुराना है और उसी से बाकी देशों ने प्रेरणा ली, स्लोवेनिया और स्लोवाकिया ने अपने झंडों में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह जोड़कर उन्हें अलग बनाया. इसी डिजाइन से प्रेरित होकर क्रोएशिया और सर्बिया जैसे देशों ने भी अपने झंडे बनाए.