न मटन न चिकन…वेनेजुएला में सबसे ज्यादा इस जानवर का मांस खाते हैं लोग
दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला अपनी प्राकृतिक विविधता, नदियों और घास के मैदानों के लिए जाना जाता है. यहां का खानपान भी उसी प्रकृति से जुड़ा हुआ है. आम तौर पर माना जाता है कि लैटिन अमेरिकी देशों में बीफ और चिकन सबसे ज्यादा खाया जाता है, लेकिन वेनेजुएला के कुछ हिस्सों में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है.
कई रिपोर्ट्स और स्थानीय परंपराओं के अनुसार वेनेजुएला में कैपीबारा नाम के जानवर का मांस काफी प्रचलित है. कैपीबारा को दुनिया का सबसे बड़ा कुतरने वाला जीव यानी चूहे की प्रजाति का जानवर माना जाता है.
यह मुख्य रूप से नदियों, झीलों और दलदली इलाकों के आसपास पाया जाता है और दक्षिण अमेरिका के कई देशों में आम है. वेनेजुएला के ग्रामीण इलाकों में कैपीबारा का मांस लंबे समय से खाया जाता रहा है.
यह आसानी से उपलब्ध होता है और स्थानीय लोगों के लिए प्रोटीन का एक अहम स्रोत माना जाता है. कुछ चर्चाओं में यह भी बताया जाता है कि सैनिकों की डाइट में चिकन और बीफ के साथ-साथ कभी-कभी कैपीबारा या इसी तरह का स्थानीय मांस शामिल किया जाता है, खासकर उन इलाकों में जहां पारंपरिक सप्लाई सीमित होती है.
कैपीबारा के मांस को लेकर एक रोचक ऐतिहासिक संदर्भ भी मिलता है. कुछ इतिहासकारों और सांस्कृतिक लेखों में कहा जाता है कि 16वीं से 18वीं शताब्दी के बीच, ईसाई धर्म के लेंट काल के दौरान मांस खाने पर रोक थी.
उस समय कैपीबारा को उसकी अर्ध-जलीय प्रकृति के कारण मछली की श्रेणी में माना गया, जिससे लोग इसे खा सकें. यह मान्यता आज भी लोककथाओं और सांस्कृतिक चर्चाओं में सुनने को मिलती है.
वेनेजुएला में कैपीबारा का मांस किसी अजीब या वर्जित भोजन की तरह नहीं देखा जाता है. स्थानीय लोग इसे परंपरागत व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं. कहा जाता है कि इसका स्वाद हल्का होता है और इसे सुखाकर या खास मसालों के साथ पकाया जाता है. आर्थिक हालात और स्थानीय उपलब्धता भी इसकी लोकप्रियता की बड़ी वजह मानी जाती है.