Mop History: पोछा लगाने की शुरुआत कहां से हुई, किसने किया था इसका आविष्कार?

Mop History: आज घर में पोछा लगाना एक आम काम है. इस वजह से काफी कम लोग यह सोचते हैं कि इसकी शुरुआत कहां से हुई या फिर मॉडर्न पोछा किसने बनाया. हालांकि लोग प्राचीन सभ्यताओं के समय से ही फर्श साफ करते आ रहे हैं लेकिन आज घरों में इस्तेमाल होने वाला पोछा सदियों के इनोवेशन का नतीजा है. आइए जानते हैं कि पोछा लगाने की शुरुआत कहां से हुई थी और किसने किया था इसका आविष्कार.
आधुनिक सफाई के औजार आने से काफी पहले प्राचीन मिस्र और ग्रीस में लोग लकड़ी की छड़ियों में कपड़ा, पत्तियां या फिर टहनियों के गुच्छे बांधकर फर्श साफ करते थे. ज्यादातर घरों में लोग घुटने के बल बैठकर हाथ से फर्श रगड़कर साफ करते थे.
Mop शब्द 15वीं शताब्दी का है जब इसे mappe कहा जाता था. लैटिन भाषा से निकले इस शब्द का मतलब शुरू में एक छोटा कपड़ा या फिर नैपकिन होता था. इसका इस्तेमाल सतह को पोंछने के लिए किया जाता था.
1893 में अफ्रीकी अमेरिकी आविष्कारक थॉमस डब्ल्यू. स्टीवर्ट में सूती धागे के एक पोछे का पेटेंट कराया. इसमें अलग होने वाले हैंडल और पानी निचोड़ने का मेकैनिज्म था. इससे गंदे पोछे के सिरों को बदलना और कपड़े को छुए बिना पानी निकालना काफी आसान हो गया.
स्पेनिश इंजीनियर मैनुअल जैलोन ने 1956 में एक खास तरह की बाल्टी और रिंगर के साथ इस्तेमाल होने वाले अपराइट पोछे को पेश करके फर्श की सफाई के काम में क्रांति ला दी. उनके आविष्कार ने घुटनों के बल बैठकर फर्श रगड़ने की जरूरत को खत्म कर दिया.
1990 में अमेरिकी आविष्कारक जॉय मंगाओ ने मिरेकल माप लॉन्च किया. इसमें ट्विस्ट हैंडल मेकैनिज्म था. इस पोछे की मदद से यूजर्स बिना हाथों का इस्तेमाल किया पानी निचोड़ सकते थे.
आज का पोछा किसी एक इंसान का आविष्कार नहीं है. इसका आविष्कार कई लोगों के मिले-जुले योगदान का नतीजा है.