Girls Start Wearing Skirts: कहां से हुई थी लड़कियों के स्कर्ट पहनने की शुरुआत? कुछ ऐसा है इसका इतिहास
स्कर्ट पश्चिमी यूरोप और अमेरिका में महिलाओं के लिए वॉर्डरोब का एक जरूरी हिस्सा बन गई. हालांकि भारत में भी इसे महिलाएं खूब पहनती हैं और स्कर्ट उनकी पसंदीदा है.
स्कर्ट का इतिहास प्राचीन मिस्र में सदियों पुराना है. दिलचस्प बात यह है कि पहले स्कर्ट वास्तव में पुरुषों द्वारा पहनी जाती थी. ये साधारण कपड़ा लपेटने वाले के समान थे, जिसे कमर पर बेल्ट से बांधा जाता था.
यह स्कर्ट स्थानीय सामग्री से बनाई गई थी, जैसे कि लिनेन. यह हल्की और हवादार थी, जो मिस्र के गर्म और नमी के मौसम के लिए परफेक्ट थी. सबसे अमीर और सबसे प्रभावशाली लोग हल्की और पतली स्कर्ट पहनते थे, जबकि श्रमिक और मजदूर ज्यादातर सूती लंगोट पहनते थे.
1950 के दशक में ए-लाइन लुक वाली बड़ी स्कर्ट और डायर की एच-लाइन वाली पेंसिल स्कर्ट को पश्चिमी दुनिया की महिलाओं ने अपनाया. हालांकि असली क्रांति अगले दशक में, 1960 के दशक में मैरी क्वांट की मिनीस्कर्ट के साथ हुई.
तब पहली बार महिलाओं को अपनी स्कर्ट की लंबाई चुनने की आजादी दी गई, लेकिन मिनी स्कर्ट की लंबाई बनी रही. उस समय से मिनी स्कर्ट भी कई महिलाओं की वॉर्डरोब का हिस्सा बन गई.
1970 के दशक से लेकर अब तक, एक भी प्रकार का फैशन और स्कर्ट की लम्बाई लम्बे समय तक हावी नहीं रही है.
मिनी, शॉर्ट और टखने तक की लम्बाई वाली स्कर्ट हाई स्ट्रीट में एक साथ दिखाई देती हैं और महिलाओं की ये फेवरेट है.