अचानक से बदल जाए पृथ्वी की घूमने की रफ्तार तो क्या होगा, जानें विज्ञान?

Earth Rotation: पृथ्वी को घूमने एक ऐसी चीज है जिस पर हम शायद ही कभी ध्यान देते हैं लेकिन इसके बावजूद भी यह हमारे ग्रह पर जीवन को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाती है. पृथ्वी भू-मध्य रेखा पर लगभग 1670 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूमती है. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर पृथ्वी के घूमने की रफ्तार में बदलाव आ जाए तो इसका असर क्या होगा? आइए जानते हैं.
अगर पृथ्वी का घूमना अचानक रुक जाए या फिर धीमा हो जाए तो सतह पर मौजूद चीजें जड़त्व की वजह से चलती रहेंगी. भूमध्य रेखा पर इससे लोग, गाड़ियां, इमारतें और दूसरी चीजें काफी तेज रफ्तार से पूर्व की तरफ जा सकती हैं.
पृथ्वी का घूमना ग्रह के चारों ओर समुद्री पानी के बंटवारे में मदद करता है. घूमने की रफ्तार में बड़ा बदलाव समुद्री पानी में भारी हलचल पैदा कर सकता है. इससे विनाशकारी लहरें उठ सकती हैं और समुद्री तटों में जबरदस्त बदलाव आ सकते हैं.
धीमी रफ्तार से घूमने पर दिन और रात आज की तुलना में काफी लंबे हो जाएंगे. अगर पृथ्वी सूरज के चारों तरफ अपनी कक्षा में घूमते हुए अपनी धुरी पर घूमना बंद कर दे तो कुछ इलाकों में महीनों तक लगातार दिन की रोशनी रह सकती है और उसके बाद लगातार कई महीनों तक अंधेरा भी छाया रह सकता है.
पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र मुख्य रूप से इसके बाहरी कोर में पिघलती हुई धातु की हलचल से बनता है ना कि सिर्फ ग्रह के घूमने से. घूमने की रफ्तार में बदलाव पृथ्वी के भू-भौतिकीय सिस्टम पर असर डाल सकता है.
वायुमंडल अभी पृथ्वी के साथ घूमता है. अगर ठोस पृथ्वी अचानक धीमी हो जाए और वायुमंडल अपनी रफ्तार बनाए रखे तो सतह के सापेक्ष काफी तेज हवाएं चलेंगी.
पृथ्वी के घूमने से हवा, तूफान और समुद्री धाराओं को जाकर मिलती है. इसमें थोड़ा सा भी बदलाव वायुमंडलीय संचार को बाधित करेगा और दुनिया भर के मौसम के पैटर्न बदल सकते हैं.
सूरज के चारों ओर पृथ्वी के चक्कर लगाने से साल की लंबाई तय होती है जबकि उसके अपनी धुरी पर घूमने से दिन की लंबाई होती है. अगर पृथ्वी घूमना बंद कर दे लेकिन सामान्य रूप से चक्कर लगाती रहे तो 1 सौर दिन लगभग 1 साल जितना लंबा हो जाएगा.
पृथ्वी के घूमने में अचानक बदलाव से महासागर, वायुमंडल, जलवायु और दिन रात का सामान्य चक्र गड़बड़ा जाएगा. इससे इकोसिस्टम और इंसानी सभ्यता के जीवन पर खतरा आ जाएगा.