Dead Body Space: अंतरिक्ष में Dead Body का क्या होगा, कितने दिन में होगी डी-कंपोज?
हवा का प्रेशर पूरी तरह ना होने की वजह से पानी और खून जैसे बॉडी फ्यूल तेजी से इवैपोरेट होने लगते हैं. इससे बॉडी सूखकर सिकुड़ जाती है. यह नेचुरल ममिफिकेशन जैसी प्रक्रिया है. नमी के बिना डीकंपोजिशन नॉर्मली नहीं हो सकता.
जब सीधी धूप नहीं पड़ती तो स्पेस में टेंपरेचर काफी ज्यादा गिर जाता है. बॉडी धीरे-धीरे गर्मी खो देती है. इसी के साथ बॉडी लगभग 12 से 26 घंटे में जम जाती है.
धरती पर डीकंपोजिशन मुख्य रूप से बैक्टीरिया की वजह से होता है. उन्हें जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है. स्पेस में ऑक्सीजन की कमी बैक्टीरिया की एक्टिविटी को जल्दी रोक देती है. इस वजह से टिशु का नार्मल डीकंपोजिशन रुक जाता है.
हालांकि डीकंपोजिशन रुक जाता है लेकिन कॉस्मिक रेडिएशन शरीर पर असर डालता रहता है. काफी लंबे समय तक रेडिएशन धीरे-धीरे सेल्स को तोड़ता है और टिशु को कमजोर करता है. लेकिन इस प्रक्रिया में सालों या उससे ज्यादा समय लगता है.
अगर शरीर स्पेस सूट के अंदर है तो थोड़ी मात्रा में फंसी हुई ऑक्सीजन बैक्टीरिया को थोड़े समय के लिए एक्टिव रहने देती है. हालांकि एक बार ऑक्सीजन खत्म हो जाने और टेंपरेचर गिरने पर डीकंपोजिशन रुक जाता है और शरीर प्रिजर्व हो जाता है.
धरती पर डीकंपोजिशन हफ्तों या फिर महीना में होता है. लेकिन स्पेस में शरीर काफी लंबे समय तक जमा हुआ या ममी बना रह सकता है. ऑक्सीजन, नमी और माइक्रोब्स के बिना डीकंपोजिशन प्रक्रिया लगभग पूरी तरह से रुक जाती है.