Earth Rotation: अगर घूमते-घूमते अचानक थम जाए पृथ्वी की रफ्तार तो क्या होगा, क्या खत्म हो जाएगी धरती?
अगर ग्रह अचानक घूमना बंद करता है तो जमीन तुरंत रुक जाएगी. लेकिन पृथ्वी के कोर से मजबूती से जुड़ी नहीं हुई हर चीज अपनी असली घूमने की स्पीड से चलती रहेगी. इक्वेटर पर यह लगभग 1670 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है. इंसान, गाड़ियां, इमारतें और यहां तक की ढीली मिट्टी भी जोर से पूर्व की तरफ फेंक दी जाएगी.
ग्रह के साथ एटमॉस्फियर तुरंत नहीं रुकेगा. हवा की धाराएं काफी तेज स्पीड से दुनिया भर में दौड़ती रहेंगी. इससे सुपरसोनिक हवाएं चलेंगी जो शहरों को तबाह कर सकती हैं. इस बीच समुद्र अपनी रफ्तार बनाए रखेंगे. इससे कई किलोमीटर ऊंची सुनामी आ सकती है. यह लहरें कॉन्टिनेंट को पार कर सकती हैं और कुछ ही घंटे में समुद्र तटों को बदल सकती हैं.
रोटेशन के बिना 24 घंटे का जाना पहचाना साइकिल गायब हो जाएगा. पृथ्वी का एक हिस्सा लगभग 6 महीने तक लगातार सूरज की तरफ रहेगा. इसमें टेंपरेचर 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाएगा. दूसरा हिस्सा 6 महीने तक अंधेरे में रहेगा और जीरो से काफी नीचे जमने वाली कंडीशन में चला जाएगा.
पृथ्वी के घूमने से सेंट्रीफ्यूगल फोर्स बनता है. इससे इक्वेटर के चारों ओर पानी थोड़ा ऊपर उठता है. अगर घूमना बंद हो गया तो यह फोर्स गायब हो जाएगा. समुद्र का पानी धीरे-धीरे पोल की तरफ जाएगा. इससे बड़े पोलर महासागर बनेंगे और इक्वेटर के पास जमीन के बड़े हिस्से दिखेंगे. इससे ग्रह की जियोग्राफी असल में बदल जाएगी.
पृथ्वी का मैग्नेटिक फील्ड जो हमें नुकसानदायक सोलर रेडिएशन से बचाता है उसके पिघले हुए कोर के अंदर होने वाली हलचलों से बनता है और ग्रहों के घूमने से प्रभावित होता है. अगर घूमना बंद हो जाए तो यह सुरक्षा देने वाला मैग्नेटिक फील्ड कमजोर हो सकता है या फिर खत्म हो सकता है. इसके बिना खतरनाक सोलर और कॉस्मिक रेडिएशन सीधे सतह पर हमला करेंगे जिससे बाकी सभी जीवन को खतरा होगा.
भले ही शुरुआती उत्तर-पुथल में कुछ जीवन बच भी जाए, लेकिन रेडिएशन के संपर्क में आने, काफी ज्यादा क्लाइमेट चेंज, फूड चेन खत्म होने और इकोसिस्टम के खत्म होने के मिले-जुले असर से लंबे समय तक जिंदा रहना काफी मुश्किल हो जाएगा.