Space Weather: अंतरिक्ष में कैसा होता है मौसम, जानें वहां ठंड होती है या गर्मी?
अंतरिक्ष में हवा, पानी की भाप या फिर वातावरण नहीं है. इसका मतलब है की बारिश, बर्फ, हवा या बदल की मौजूदगी नहीं है. वैज्ञानिक इसे अंतरिक्ष मौसम कहते हैं. इसका मतलब होता है कि सौर हवा, रेडिएशन तूफान और भू चुंबकीय गड़बड़ियां जैसी घटनाएं वहां पर होती रहती हैं.
अंतरिक्ष का औसत बैकग्राउंड तापमान लगभग- 270.45 डिग्री सेल्सियस होता है. इतनी ज्यादा ठंड तारों और सूरज की रोशनी से दूर के क्षेत्र में होती है. यह फिजिक्स में सबसे कम संभव तापमान एब्सलूट जीरो से कुछ ही डिग्री ऊपर है.
अपने जमा देने वाले बैकग्राउंड के बावजूद अंतरिक्ष काफी गर्म हो सकता है. पृथ्वी की कक्षा में सीधे सूरज की रोशनी के संपर्क में आने वाली वस्तुएं लगभग 120 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकती हैं. इसी के साथ वही वस्तु छाया में जाने पर - 150 डिग्री सेल्सियस तक ठंडी हो सकती है.
अंतरिक्ष में तापमान को उस तरह से महसूस नहीं किया जाता जैसे पृथ्वी पर किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि गर्मी को ट्रांसफर करने के लिए हवा नहीं होती. हवा के कणों के बिना गर्मी कंडक्शन या कन्वेंशन से आगे नहीं बढ़ सकती. अंतरिक्ष में गर्मी यात्रा करने का एकमात्र तरीका रेडिएशन है.
अंतरिक्ष में कोई चीज गर्म महसूस होगी या फिर ठंडी यह पूरी तरह से सूरज की रोशनी पर निर्भर करता है. सूरज की रोशनी में वस्तुएं ऊर्जा सोखती हैं और तेजी से गर्म हो जाती हैं. अंधेरे में वह उतनी ही तेजी से गर्मी को खो देती हैं.
इन चरम स्थितियों में जीवित रहने के लिए स्पेसक्राफ्ट और अंतरिक्ष यात्री सूट को खास तौर से थर्मल इंसुलेशन और तापमान नियंत्रण प्रणाली के साथ डिजाइन किया जाता है.