रमजान के दौरान क्या करता था औरंगजेब, कैसे रखता था रोजा और कैसे करता था इफ्तार?

मुस्लिमों का पाक महीना यानी रमजान का महीना चल रहा है, इसी बीच देशभर में औरंगजेब को लेकर भी बहस तेज हो रही है. औरंगजेब एक क्रूर मुगल शासक था, जिसका जिक्र हाल ही में रिलीज हुई फिल्म छावा में हुआ है.
क्योंकि मुगल शासक औरंगजेब को लेकर काफी चर्चा है, ऐसे में लोग उसे लेकर कई तरह की चीजें जानना चाहते हैं. कुछ लोगों के मन में ये सवाल भी है कि औरंगजेब के दौरान रमजान में क्या होता था.
आइए जानते हैं कि औरंगजेब रमजान के दौरान क्या करता था और उसकी इफ्तारी कैसे होती थी. दरअसल औरंगजेब के अलावा बाकी तमाम मुगल शासक भी रोजा रखते थे. जिनमें बाबर और हुमांयूं जैसे नाम भी शामिल हैं.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक औरंगजेब रोजे के तमाम नियमों का सख्ती से पालन करता था. इसके बाद इफ्तारी भी होती थी, जिसमें वो ज्वार और मकई की रोटी खाना पसंद करता था.
शाहजहां के दौर में सबसे धूमधाम से मनाया जाने वाला त्योहार नवरोज था, लेकिन औरंगजेब ने ईद के त्योहार को इससे बड़े स्तर पर मनाना शुरू कर दिया. खास बात ये थी कि औरंगजेब रोजे में भी पूरा कामकाज देखता था.
बताया गया है कि औरंगजेब हमेशा इफ्तारी सामूहिक रूप से करना पसंद करता था, इस दौरान उसके खास लोग उसके साथ होते थे और जश्न जैसा माहौल हुआ करता था.
ईद से पहले मुगल बादशाह के आदेश पर तमाम तरह की तैयारी होती थी और पकवान बनाए जाते थे. इस मौके पर बादाम की खीर, कद्दू की खीर, शर्बत, कोरमा, बादशाह पसंद दाल और ऐसी ही तमाम चीजें बनाई जाती थीं.
इस तरह से मुगल बादशाह ओरंगजेब रमजान और ईद मनाया करता था, कई इतिहासकार इसे लेकर अपनी किताबों में जिक्र कर चुके हैं.