Trump Tariffs: भारत की किन-किन चीजों पर टैरिफ लगा चुके ट्रंप? एक नजर में देख लें पूरी लिस्ट
ट्रंप सरकार ने इन टैरिफ को दो चरणों में लागू किया. अप्रैल 2025 में भारतीय आयातों पर 25% टैरिफ लगाया गया था. इसके बाद अगस्त 2025 में रूस से भारत के निरंतर तेल आयात की वजह से 25% का एक और जुर्माना जोड़ा गया. कुल मिलाकर यह टैरिफ 50% हो गया.
इस टैरिफ को लगाने का मुख्य कारण रूस पर वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद भारत द्वारा रूसी तेल और डिफेंस उपकरण की खरीद है. अमेरिका का कहना है कि इस तरह का व्यापार अप्रत्यक्ष तरीके से यूक्रेन में संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है.
इस टैरिफ का भारतीय एक्सपोर्ट पर, खासकर अमेरिकी बाजार पर निर्भर उद्योगों पर काफी बड़ा प्रभाव पड़ा है. रत्न और आभूषण, कपड़ा व्यापार, फर्नीचर और ऑटो कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में मांग की कमी और व्यापार संबंधों में परेशानी देखी जा रही है.
इस टैरिफ में इंडस्ट्रियल से लेकर कंज्यूमर प्रोडक्ट तक कई तरह की वस्तुएं शामिल हैं. जैसे रत्न और आभूषण, चमड़ा उत्पाद, जूते, इलेक्ट्रॉनिक, फर्नीचर, मशीनरी, कृषि उत्पाद और समुद्री उत्पाद. समुद्री उत्पाद में भारतीय झींगा निर्यात पर काफी ज्यादा फर्क पड़ा है. इसी के साथ कृषि उत्पाद में चावल, मसालें और चाय पर असर पड़ा है.
हालांकि सभी भारतीय निर्यात प्रभावित नहीं हैं. ट्रंप सरकार ने कुछ जरूरी और राजनीतिक वस्तु जैसे की दवाइयां, सेमीकंडक्टर, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और कुछ जरूरी खनिजों को छूट दी है.
इस टैरिफ का असर व्यापार पर तो पड़ ही रहा है साथ ही राजनयिक संबंधों पर भी पड़ा है. भारत इस प्रभाव को संतुलित करने के लिए बाकी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करके और साथ ही मेक इन इंडिया पहल के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर प्रतिक्रिया दे सकता है.