Indian Spices: मसालों के देश भारत में नहीं मिलता यह मसाला, विदेश से किया जाता है इंपोर्ट
वैसे तो हींग भारतीय खाने का एक जरूरी हिस्सा है लेकिन देश की जरूरत का लगभग 90% इंपोर्ट किया जाता है. इसका मुख्य सोर्स अफगानिस्तान है. हालांकि ज्यादातर सप्लाई ईरान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान से आती है.
भारत हर साल लगभग 1200 से 1500 टन कच्चा हींग इंपोर्ट करता है. इन इंपोर्ट पर सालाना लगभग 940 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
एक बड़ी बात यह है कि हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में 2020 में पहली बार हींग की कमर्शियल खेती शुरू हुई. इस इलाके का ठंडा रेगिस्तान मौसम फेरुला पौधे के नेचुरल हैबिटेट से काफी मिलता जुलता है. यह पौधा हींग पैदा करता है.
शुरुआती ट्रायल के बाद अब लद्दाख और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में खेती बढ़ाने की कोशिश चल रही हैं. अगर यह कोशिश कामयाब रही तो आने वाले सालों में यह धीरे-धीरे इंपोर्ट पर भारत के डिपेंडेंस को कम कर सकती हैं.
हींग बीज वाला मसाला नहीं है बल्कि पौधे के जड़ों से निकाला गया एक गोंद रेजिन है. पौधे को पकने में लगभग 5 साल लगते हैं तभी उससे यह निकाला जा सकता है.
हींग ही अकेला मसाला नहीं है जिसे भारत भारी मात्रा में इंपोर्ट करता है. स्टार ऐनीज लगभग पूरी तरह से इंपोर्ट किया जाता है और केसर और लॉन्ग भी काफी मात्रा में लाए जाते हैं.