बिना दिमाग का होता है यह जीव, इसकी खोज से साइंस भी हो गया था हैरान
जेलिफ़िश- मशरूम की तरह दिखने वाली इस मछली की न तो आंखें होती हैं, न दिल और न ही दिमाग. ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी पर सबसे पुराने जीवों में से एक है. आपको जानकर हैरानी होगी कि जेलिफ़िश तब से अस्तित्व में है जब पृथ्वी पर डायनासोर थे. इनका शरीर पारदर्शी होता है. उनके पास दिमाग नहीं है. वे न्यूरॉन्स के माध्यम से पूरे शरीर को नियंत्रित करते हैं.
सीप के पास भी जेलिफ़िश की तरह ब्रेन नहीं होता है. समुद्री जीवों में यह एकमात्र ऐसा जीव है जो पानी को साफ रखता है. ऐसा कहा जाता है कि अगर सीपियां न होतीं तो धरती पर साफ और मीठे पानी की एक बूंद भी मिलना मुश्किल हो जाता है. यह एक बार में 96 लीटर पानी को कीटाणुरहित और शुद्ध करता है. उनके पास केवल तंत्रिका तंत्र, आंतरिक अंग और हृदय होते हैं.
सी स्क्वर्ट्स जीव जो टैडपोल जैसी ही शारीरिक विशेषताओं के साथ पैदा होते हैं. उनके पास दिमाग नहीं है. तंत्रिका कोशिकाओं का एक ही समूह होता है, जो उन्हें स्पर्श का एहसास कराता है. इनकी तीन हजार से अधिक प्रजातियाँ पृथ्वी पर मौजूद हैं.
ऐसे में कई तरह के इसी प्रकार के जीव है, जिनके पास दिमाग नहीं होते हैं. जैसे समुद्री लिली,स्टार फिश,समुद्री अर्चिन और एनीमोन कोरल इनके दिमाग नहीं होते हैं
इनके तारे जैसे आकार के कारण इन्हें तारा मछली के नाम से जाना जाता है। इसके मध्य भाग में एक गोलाकार डिस्क होती है। अधिकांश प्रजातियों की 5 भुजाएँ होती हैं.
यह मुख्य रूप से समुद्र के गहरे पानी में पाया जाता है और मलबे के आहार पर जीवित रहता है. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इसका अस्तित्व कम से कम 480 मिलियन वर्षों से है.