भारत से इंग्लैंड कैसे पहुंच गया बेशकीमती कोहिनूर हीरा, जान लीजिए इसकी पूरी कहानी
करीब 800 साल पहले आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के ज्वालामुखी से यह बेशकीमती हीरा बाहर आया था, तो वहीं कोहिनूर हीरे को पहले ज्यादातर राजपरिवारों के पास देखा जाता था.
हालांकि बीच में यह हीरा इंग्लैंड के पास चला गया, ऐसे में चलिए जानते हैं कि कैसे भारत का यह अनमोल रत्न भारत से बिछड़ गया और क्या थी इसके पीछे की कहानी.
दरअसल साल 1849 में जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के पंजाब पर अपना कब्जा जमा लिया था तब उस समय के महाराजा दिलीप सिंह की गाइडेंस में लाहौर ट्रीटी के तहत कोहिनूर हीरे को ईस्ट इंडिया कंपनी ने हथिया लिया था.
तो वहीं साल 1850 में भारत से हथियाए गए इस बेशकीमती हीरे को इंग्लैंड की क्वीन विक्टोरिया को दे दिया गया और तभी से कोहिनूर हीरा ब्रिटिशर्स के पास चला गया.
साथ ही बता दें कि यह कोहिनूर हीरा सामने से देखने में ब्लैक होल जैसा नजर आता है और यह हीरा दुनिया के सबसे महंगे और खूबसूरत हीरों में से एक माना जाता है.
कोहिनूर हीरा लगभग 105.6 कैरेट का होता है, जिसे इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया के ताज में लगाया गया था. हालांकि कई बार इस हीरे को भारत में वापस लाने की भी बात होती है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है.