विदेशी फिल्मों-गानों से लेकर हेयर कट तक... इस देश में ये सब नहीं कर सकते नागरिक, मिलती है मौत की सजा
किम जोंग इल की मृत्यु की दसवीं वर्षगांठ पर उत्तर कोरिया ने पूरे देश में 11 दिनों के लिए शोक मनाने का आदेश दिया था. इस दौरान देशवासियों को हंसने, शराब पीने, मनोरंजन देखने और यहां तक कि खरीदारी करने की अनुमति नहीं थी.
देश में तानाशाही के अजीबोगरीब नियमों की सूची लंबी है. उदाहरण के लिए वहां पर किम जोंग उन ने अपने एक पहनावे के कारण लेदर जैकेट पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. उनकी लोकप्रियता के चलते बाजार में नकली कॉपीज आने लगीं, जिससे उन्हें आपत्ति हुई और लेदर उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
उत्तर कोरिया का खुद का अलग कैलेंडर सिस्टम भी है, जिसे किम जोंग उन ने अपनाया. इस कैलेंडर की शुरुआत उनके पिता किम जोंग इल के जन्म वर्ष से मानी जाती है और वर्तमान में देश में 106 जुशे वर्ष चल रहे हैं.
विदेशी फिल्में, संगीत और डिजिटल सामग्री पर भी सख्त प्रतिबंध हैं. विदेशी गाने या फिल्में देखने वाले नागरिकों को जेल की सजा मिल सकती है, और एडल्ट फिल्में देखने पर फांसी भी हो सकती है.
2015 में वहां सभी विदेशी कैसेट, टेप और सीडी पर बैन लगा दिया गया, और अब केवल चुनिंदा विदेशी सामग्री ही देश में अनुमति प्राप्त है.
नॉर्थ कोरिया में हेयर स्टाइल पर भी कंट्रोल है. शादीशुदा महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार हेयर स्टाइल रख सकती हैं, लेकिन अविवाहित महिलाओं के लिए निश्चित प्रकार के छोटे बालों के नियम हैं.
वहां इंटरनेट पर भी सख्त कंट्रोल है. केवल 28 प्रकार की वेबसाइटों तक ही नागरिकों की पहुंच है, बाकी पूरी दुनिया की साइटों पर प्रतिबंध है
यहां तक कि सामान्य बोलचाल में गालियां देना भी अपराध है. BBC की रिपोर्ट के अनुसार वहां गाली देना कानूनी अपराध माना जाता है और इसकी सजा मौत तक हो सकती है.