Silver Price Crash: एक दिन में 100000 रुपये सस्ती हुई चांदी, इससे पहले कब-कब क्रैश हुआ सिल्वर मार्केट
30 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतें एक ही सेशन में लगभग 1,07,968 रुपये गिर गई. इससे यह भारतीय बाजार के इतिहास में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट में से एक बन गया.
अप्रैल 2011 में चांदी को 73,288 रुपये प्रति किलोग्राम के शिखर पर पहुंचने के बाद 55% की भारी गिरावट का सामना करना पड़ा था. यह गिरावट इतनी गहरी थी की कीमतों को पूरी तरह से ठीक होने में लगभग 9 साल लग गए.
कोरोना महामारी के दौरान शुरुआती दिनों में वैश्विक अनिश्चितता ने औद्योगिक धातुओं की मांग को खत्म कर दिया था. चांदी की कीमतें तेजी से गिरीं और लगभग ₹33,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी.
सबसे मशहूर चांदी क्रैश में से एक जनवरी 1980 में हुआ था. उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में हंट ब्रदर्स द्वारा सट्टेबाजी के लिए जमाखोरी खत्म हो गई थी. कीमत लगभग 31% गिर गई और 2026 के क्रैश की तुलना अब इस ऐतिहासिक गिरावट से की जा रही है.
2026 के क्रश से कुछ महीने पहले चांदी में अस्थिरता के संकेत दिख रहे थे. अक्टूबर 2025 में दिवाली से पहले कीमतें 1.9 लाख रुपये से गिरकर 1.56 लाख हो गई थी.
2026 की गिरावट तब शुरू हुई जब चांदी ₹400000 प्रति किलोग्राम के पार चली गई और भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई. इसी के साथ यूएस मॉनेटरी लीडरशिप में बदलाव आने के बाद मजबूत यूएस डॉलर भी एक वजह थी.