समुद्र का पानी खारा और नदियों का पानी मीठा, जानिए इसके पीछे की वजह
समुद्र में पानी की अधिकता होने के बावजूद हम उस पानी को पी नहीं सकते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है कि समुंद्र का पानी खारा होता है. पानी के खारा होने के कारण ये पीने योग्य नहीं होता है.
जहां एक तरफ समुद्र का पानी खारा होता है, वहीं दूसरी तरफ नदियों का पानी मीठा होता है. नदी और झरनों का पानी मीठा होने के कारण इस पानी का इस्तेमाल हम पीने के लिए करते हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि महासागर और समुद्र के पानी मे सबसे अधिक क्लोरीन और सोडियम मौजूद होता है. इस कारण भी समुद्र का पानी पीने योग्य नहीं होता है.
समुद्र में बहुत अधिक मात्रा में नमक पाया जाता है. इन नमक को ही रिफाइन करके व्हाइट सॉल्ट बनाया जाता है. जिसे हम खाने में इस्तेमाल करते हैं. पूरी दुनिया में इन्हीं रिफाइन नमक का इस्तेमाल होता है.
समुद्र में मौजूद इतने अधिक नमक के कारण ही समुद्र का पानी खारा होता है. बहुत अधिक खारा होने के कारण भी समुद्र का पानी पीने योग्य नहीं होता है.
नदियों और झरने में ग्लेशियर वॉटर के साथ-साथ बारिश का पानी होता है. बता दें कि मीठा पानी या ताजा पानी सबसे अधिक ग्लेशियर में पाया जाता है. ये ग्लेशियर जब पिघलते हैं तब इनका पानी नदियों, झीलों भूमिगत जलों में जाता है. इसलिए ये पानी मीठा और पीने योग्य होता है.