Pm Modi Norway Visit: जिस देश जा रहे पीएम मोदी, वहां 6 महीने नहीं डूबता सूरज; जानें कैसी है लोगों की जिंदगी

Pm Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों पांच देशों के महत्वपूर्ण विदेशी दौरे पर हैं, जिसके चौथे पड़ाव के तहत वह नॉर्वे जा रहे हैं. यूएई, नीदरलैंड और स्वीडन की यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी का यह दो दिवसीय नॉर्वे दौरा बेहद खास होने वाला है. लेकिन राजनीतिक मुलाकातों के बीच यह देश अपनी एक अनोखी प्राकृतिक घटना के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. नॉर्वे एक ऐसा देश है जहां महीनों तक सूरज अस्त ही नहीं होता और रात के 12 बजे भी आसमान में उजाला चमचमाता रहता है. आइए जानते हैं इस जादुई देश के लोगों की लाइफस्टाइल कैसी है.
नॉर्वे अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण पूरी दुनिया में बिल्कुल अलग पहचान रखता है. इस देश में मई के महीने से लेकर जुलाई के महीने के बीच करीब 76 दिनों तक सूरज कभी भी नहीं ढलता है. इसे दुनिया भर के लोग 'लैंड ऑफ मिडनाइट सन' यानी आधी रात के सूरज का देश भी कहते हैं.
यह हैरान करने वाली घटना इसलिए होती है क्योंकि नॉर्वे पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव यानी नॉर्थ पोल के बेहद करीब स्थित है. जब हमारी धरती अपनी धुरी पर घूमती है, तो सूर्य के विपरीत वाले हिस्सों में अंधेरा हो जाता है, लेकिन नॉर्वे की विशेष ऊंचाई के कारण अंधेरा इसके किनारों से होकर निकल जाता है.
सूरज के न डूबने का यह अनोखा चमत्कार साल भर नहीं रहता, बल्कि यह सिर्फ मई से जुलाई के दो महीनों के दौरान ही देखने को मिलता है. अगर आप इस मौसम में समुद्र के किनारे जाकर खड़े होंगे, तो आपको सूर्य पूरी तरह आसमान में या क्षितिज की रेखा पर टिका हुआ साफ नजर आएगा.
जून के महीने में तो यहां रात का वजूद लगभग खत्म ही हो जाता है. इस दौरान पूरे 24 घंटे में अधिकतम केवल 40 मिनट के लिए ही नाममात्र का अंधेरा या धुंधलका होता है. इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि इस समय धरती का उत्तरी हिस्सा 66 डिग्री से 90 डिग्री लैटिट्यूड के बीच झुका रहता है.
मई से लेकर जुलाई तक के महीनों में नॉर्वे के भीतर औसतन हर दिन करीब 20 घंटे से भी ज्यादा समय तक सूरज की सीधी रोशनी बनी रहती है. यानी लोगों को चौबीसों घंटे सिर्फ दिन का ही अहसास होता रहता है और वे लगातार उजाले के बीच अपना जीवन बिताते हैं.
सूरज की इस लुकाछिपी का दूसरा पहलू बेहद डरावना है. अगस्त के बाद मौसम बदलने लगता है और नवबंर, दिसंबर और जनवरी के तीन महीनों में यहां सूरज पूरी तरह गायब हो जाता है. इन तीन महीनों में यहां धूप की एक किरण भी नहीं दिखती और चारों तरफ सिर्फ घुप्प अंधेरा रहता है.
नॉर्वे का कुल क्षेत्रफल 3.85 लाख वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा है. इतने बड़े देश में प्रति वर्ग किलोमीटर औसतन सिर्फ 14 लोग ही निवास करते हैं. कम जनसंख्या वाला शांत देश नॉर्वे की कुल आबादी की बात करें तो यह करीब 54.25 लाख से थोड़ी ज्यादा है. क्षेत्रफल के मुकाबले इतनी कम आबादी होने के कारण यहां चारों तरफ बेहद शांति और सुकून का माहौल रहता है.
जब रात के 12 बजे भी आसमान पूरी तरह से रोशन रहता है, तो यहां के स्थानीय लोगों की जिंदगी का ढर्रा भी बदल जाता है. दिन और रात का अंतर खत्म होने की वजह से लोग अक्सर आधी रात को भी पार्कों में खेलते, सड़कों पर घूमते और अपने दफ्तरों या दुकानों का काम करते हुए आसानी से दिख जाते हैं.
खिड़कियों पर मोटे पर्दों का इस्तेमाल लगातार उजाला रहने के कारण यहां सबसे बड़ी समस्या सोने की आती है. रात में सूरज की तेज रोशनी से बचने और कमरे में अंधेरा करने के लिए नॉर्वे के लोग अपने घरों की खिड़कियों पर बहुत ज्यादा मोटे और गहरे रंग के पर्दे लगाते हैं, ताकि वे चैन की नींद सो सकें.
शुरुआत में सोने में होती है दिक्कत मई से जुलाई के दौरान जब रात सिर्फ 40 मिनट की रह जाती है, तो बाहर से आने वाले पर्यटकों और नए लोगों को अपनी नींद पूरी करने में बहुत ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है. हालांकि, यहां के स्थानीय निवासी अब इस पूरी प्राकृतिक स्थिति के पूरी तरह आदी हो चुके हैं.