Pm Modi Seychelles Visit: सेशेल्स में कौन सी करेंसी चलती है, जहां पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी?

Pm Modi Seychelles Visit: हिंद महासागर की लहरों के बीच बसे छोटे से खूबसूरत अफ्रीकी देश सेशेल्स की धरती पर जब पीएम मोदी ने कदम रखा तो दोनों देशों के ढाई सौ साल पुराने अटूट रिश्तों की गर्माहट महसूस की गई. जब वहां के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने जब अपनी परंपरा के अनुसार पीएम मोदी का स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया तो हर भारतवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया. आइए जानें कि इस देश में कौन सी करेंसी चलती है.
सेशेल्स दिखने में भले ही बहुत छोटा देश लगता हो, लेकिन वैश्विक पटल पर इसकी साख बहुत बड़ी है. हिंद महासागर में स्थित यह देश कुल 115 द्वीपों का एक खूबसूरत समूह है, जिसकी कुल आबादी महज 1.35 लाख है और इसका क्षेत्रफल 450 वर्ग किलोमीटर में फैला है.
हालांकि यहां पर जमीन बहुत कम है, लेकिन हालिया हैलो सेफ प्रॉसपेरिटी इंडेक्स 2026 की की रिपोर्ट बताती है कि इसे 98.09 अंकों के साथ अफ्रीका महाद्वीप का सबसे अमीर देश घोषित किया गया है. यह मॉरीशस और अल्जीरिया को पछाड़कर टॉप पर पहुंच गया है.
आमतौर पर किसी देश की अमीरी का अंदाजा उसकी कुल दौलत से लगाया जाता है, लेकिन सेशेल्स के मामले में ऐसा नहीं है. इस देश की रैंकिंग तय करने के लिए वैज्ञानिकों और अर्थशास्त्रियों ने पर्चेजिंग पावर, मानव विकास सूचकांक, समाज में आय का समान वितरण, सापेक्ष गरीबी और प्रति व्यक्ति आय को बनाया है.
आपको जानकर हैरानी होगी इस देश में प्रति व्यक्ति आय 42,110 अमेरिकी डॉलर यानि 35 लाख रुपये सालाना है. इसीलिए यहां का हर नागरिक एक खुशहाल और संपन्न जीवन जीता है. जब बात इस देश में व्यापार और रोजमर्रा के लेन-देन की आती है, तो यहां की एक खास करेंसी काम करती है.
सेशेल्स की आधिकारिक मुद्रा सेशेल्सी रुपया SCR है. चूंकि यह देश पर्यटन के लिए दुनिया भर के सैलानियों की पहली पसंद है, इसलिए यहां पर्यटन क्षेत्रों जैसे बड़े होटलों में यूरो और अमेरिकी डॉलर आसानी से स्वीकार किए जाते हैं.
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई सिस्टम को लेकर भी बड़ा समझौता हुआ है, जिससे कि भविष्य और व्यापार आसान होगा.
पीएम मोदी के इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देना है. इसके लिए भारत ने सेशेल्स के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए 175 मिलियन डॉलर यानि 1450 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की है.
भारत द्वारा सेशेल्स की इस मदद से वहां पर स्वास्थ्य, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए जाएंगे. बता दें कि भारत और सेशेल्स का यह रिश्ता आज का नहीं, बल्कि 256 साल पुराना है. जब साल 1770 में इस द्वीप पर पहली बार इंसानी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में पांच भारतीय थे.
इसके बाद समय के साथ बिहार, तमिलनाडु और गुजरात के लोग वहां जाकर बसते चले गए. आज सेशेल्स के हालात ये हैं कि वहां पर हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है. इस देश पर पहले फ्रांस और फिर ब्रिटेन ने राज किया था, जिसके बाद 29 जून 1976 को इसे पूरी तरह से आजादी मिली.