जानते हैं आपके होठों का रंग लाल या गुलाबी ही क्यों होता है? ये है इसकी वजह
लाइव साइंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, होंठ की स्किन शरीर की स्किन के मुकाबले काफी पतली और सेंसिटिव होती है. होठों की स्किन के पीछे खून की लाखों नलियां होती हैं जो लाल रंग की होती हैं. इनकी वजह से ही होठों का रंग लाल दिखता है. आइए अब जान लेते हैं कि होठों पर स्किन का रंग क्यों नहीं चढ़ता है.
नोएल बताते हैं कि चेहरे की स्किन में कोशिकाओं की 16 पर्त होती हैं, जबकि होंठों पर मात्र 3 से 4 पर्तें ही होती हैं. जिस वजह से इनका रंग हल्का होता है. इसके अलावा स्किन के रंग में मुख्य भूमिका में रहने वाले मिलेनोसाइट्स की संख्या होंठ की स्किन पर कम होती है. इसीलिए इससे जो रंग स्किन को मिलता है वो होठों को नहीं मिलता है.
प्रोफेसर नोएल के अनुसार, होंठ कई जरूरी काम करते हैं. जैसे खाना खाने, पानी पीने और सांस लेने में मदद करना. इसके अलावा इंसान के बोलने में भी होंठाें की बहुत अहम भूमिका रहती है. जब आप कुछ बोलते हैं तो होठों की मांसपेशियां की मूवमेंट से ही बोल पाते हैं. ये मांसपेशियां आपको बोलने में मदद करती हैं. कैसे...? आइए बताते हैं...
अगर आप P का उच्चारण करेंगे तो पाएंगे कि इसके लिए दोनों होंठों में मूवमेंट होता है. वहीं, F के उच्चारण के लिए आपको दांतों और होठों दोनों का मूवमेंट चाहिए होता है. अगर होठों में मांसपेशियां न हों तो इंसान के लिए बोलना, भोजन करना और कोई पेय पदार्थ पीना भी मुश्किल हो जाएगा.