Religion Decline: दुनियाभर में इस धर्म को तेजी से छोड़ रहे लोग, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप
प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक बौद्ध धर्म दुनिया का एकमात्र ऐसा प्रमुख धर्म है जिसकी कुल आबादी में गिरावट देखने को मिल रही है. बौद्ध धर्म को छोड़ने वालों की दर काफी ज्यादा है.
हर 100 लोग जो बौद्ध धर्म में पले बढ़े हैं उनमें से 22 लोग धर्म छोड़ देते हैं और सिर्फ 12 नए लोग ही इसमें शामिल होते हैं. इस तरह धर्म परिवर्तन की वजह से बौद्ध धर्म को हर 100 लोगों पर औसतन 10 लोगों का नुकसान हो रहा है.
बौद्ध आबादी वैश्विक औसत की तुलना में काफी ज्यादा उम्र दराज है. उनकी प्रजनन दर सबसे कम है. यह जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए 2.1 से काफी नीचे है. रिसर्च के मुताबिक व्यस्त कार्यशैली, विज्ञान के प्रति झुकाव और पारंपरिक रीति रिवाज से दूरी ने युवा पीढ़ी को धर्म से अलग कर दिया है.
बौद्ध धर्म में पले बढ़े लगभग 40% लोग अब खुद को किसी भी धर्म से जुड़ा हुआ नहीं मानते. दक्षिण कोरिया में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है. यहां 42% लोग बौद्ध धर्म छोड़कर अधार्मिक हो गए हैं.
2010 से 2020 के बीच बौद्धों की संख्या लगभग 1.9 करोड़ कम हुई है. दक्षिण कोरिया में लगभग 50% लोग बड़े होने पर अपना जन्म वाला धर्म छोड़ देते हैं.
धर्म छोड़ने वाले ज्यादातर लोग किसी दूसरे धर्म में जाने के बजाय नोन्स श्रेणी में शामिल हो रहे हैं. इनमें खुद को नास्तिक, संशयवादी या फिर किसी दूसरे धर्म से ना जुड़ा हुआ मानने वाले लोग शामिल हैं. 2010 से 2020 के बीच इस समूह में 27 करोड़ लोगों की बढ़ोतरी हुई है.