बालाकोट में भारत के फाइटर जेट्स को क्यों नहीं पकड़ पाया पाकिस्तान का रडार? ये रहा जवाब
भारत के लड़ाकू विमानों ने छह साल पहले बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. इस दौरान जैश के सैकड़ों आतंकी मारे गए थे.
बालाकोट में आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए वायुसेना ने मिराज-2000 विमानों का जयन किया था. यह रातों-रात नहीं किया गया था, बल्कि स्क्रिप्ट पहले ही लिख दी गई थी.
भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 विमानों के ग्रुप ने जैश के ठिकानों पर कई बम गिराए थे. मिराज 2000 को भारतीय वायुसेना की रीढ़ समझा जाता है.
ये विमान दुश्मन देश के अंदर तक घुसकर तबाही मचाने के लिए जाने जाते हैं. ये विमान बिना दुश्मन की रडार में आए बिना अपने लक्ष्य को ध्वस्त कर सकता है.
बीबीसी की मानें तो भारत ने बालाकोट में जिस तकनीक का इस्तेमाल किया है उसको स्टैंडऑफ वेपन कहा जाता है. यह एक ऐसा सिस्टम होता है जो कि दूर से ही लक्ष्य को निशाना बनाता है.
भारत का विमान मिराज ऐसे ही सिस्टम से लैस है और यह बादलों के होने पर भी अपने लक्ष्य को निशाना बना सकता है.
मिराज फाइटर जेट को हमारे वायुसेना के जवान पाकिस्तानी एयर स्पेस में बहुत कम ऊंचाई पर उड़ा रहे थे. यही वजह थी कि वो रडार में दिखाई नहीं दिए.