✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • इलेक्शन
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा

दक्षिण भारत में दिन में और उत्तर भारत में रात में क्यों होती हैं शादियां, क्या है इसकी वजह?

निधि पाल   |  04 Jan 2026 01:42 PM (IST)
दक्षिण भारत में दिन में और उत्तर भारत में रात में क्यों होती हैं शादियां, क्या है इसकी वजह?

भारत में एक ही धर्म और संस्कृति होने के बावजूद, शादियों का समय अलग-अलग है जैसे- दक्षिण में सुबह या दोपहर में शादी होती है, जबकि उत्तर में रात के वक्त. क्या वजह केवल मौसम और मुहूर्त है, या इसके पीछे इतिहास के अलावा और कुछ भी है? आइए जानते हैं इसके पीछे की सच्चाई.

1

दक्षिण भारत में सूर्य देव की पूजा का बहुत महत्व है. दिन की रोशनी, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती है. वैदिक परंपरा के अनुसार दिन में देवता अधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए शादी का शुभ मुहूर्त सुबह या दोपहर को रखा जाता है.

2

दक्षिण भारत में शादी अक्सर खुले आंगन में होती है. मंडप और सजावट में केले के पत्ते, फूल और रंग-बिरंगी सजावट का प्रयोग होता है. जलवायु भी एक वजह है, क्योंकि दिन के समय गर्मियों में शादी करना आसान होता है और सूरज की रोशनी से समारोह और फोटोशूट दोनों अच्छे होते हैं.

3

इसके अलावा, दक्षिण भारत की प्राचीन द्रविड़ परंपराओं में ‘दिवा विवाह’ यानी दिन में विवाह करना ही श्रेष्ठ माना जाता रहा है. गुह्यासूत्र, शौनक और आपस्तंब जैसे वैदिक सूत्रों के अनुसार दिन के समय विवाह करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.

4

उत्तर भारत में शादियां रात के समय करने की प्रथा का मुख्य कारण ऐतिहासिक और सुरक्षा संबंधी रहा है. पुराने समय में मुगलों और अफगानों के आक्रमणों के दौरान, हिंदू परिवार दिन में शादी नहीं कर पाते थे. उन्हें रात में अंधेरे का फायदा लेकर समारोह करना पड़ता था ताकि लूटपाट और अपहरण से बचा जा सके.

5

इसके साथ ही, ज्योतिषीय मान्यताएं भी रात के समय शादी को उचित मानती हैं. चंद्रमा और नक्षत्रों का शुभ प्रभाव माना जाता है. कई शुभ मुहूर्त जैसे अभिजीत और चंद्र पूजा का समय रात या भोर में होता है, जिससे शादी की रस्में और फेरे रात को आयोजित किए जाते हैं.

6

साथ ही, रात का समय सामाजिक रूप से भी सुविधाजनक रहा है. गांव और छोटे शहरों में रात को वातावरण शांत होता था, जिससे बारात और मेहमान सुरक्षित रहते थे.

7

दक्षिण और उत्तर भारत की शादी की टाइमिंग में सही या गलत जैसी कोई चीज नहीं है. यह सिर्फ इतिहास, धर्म, ज्योतिष और परंपरा का फर्क है. हर क्षेत्र की अपनी रीति-रिवाज और संस्कृति ने शादी का समय तय किया है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • दक्षिण भारत में दिन में और उत्तर भारत में रात में क्यों होती हैं शादियां, क्या है इसकी वजह?
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.