Karwa Chauth 2025: करवाचौथ ही नहीं इन त्योहारों पर भी होती है चांद देखकर पूजा, मुस्लिम से लेकर क्रिश्चियन तक शामिल

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का त्यौहार भारत में काफी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन पत्नियां अपने पतियों की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और रात को चांद देखकर ही व्रत खोलती हैं. लेकिन चांद देखना और चांद की पूजा करना सिर्फ हिंदू धर्म तक ही सीमित नहीं है. इस्लाम से लेकर ईसाई धर्म तक चांद बाकी धर्म में भी आस्था का प्रतीक है. तो आइए जानते हैं कि अलग-अलग धर्म और त्योहारों में चांद को कैसे पूजा जाता है.
इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह से चांद पर आधारित है. ईद उल फितर और ईद उल अजहा जैसे कई बड़े त्यौहार चांद के दिखने पर ही निर्भर करते हैं.
मुस्लिम शव्वाल के नए चांद के दिखने का इंतजार करते हैं क्योंकि यह ईद उल फितर का प्रतीक होता है. यह दिन रमजान के महीने भर के रोजे खोलने का दिन है.
ईद उल अजहा का समय भी चांद के जरिए ही तय होता है. चांद का दिखना हज यात्रा के पूरा होने को दर्शाता है.
ईसाई धर्म में ईस्टर का त्योहार सीधे चंद्र कैलेंडर से जुड़ा हुआ है. वसंत विषुव के बाद पूर्णिमा के बाद पहले रविवार को ईस्टर मनाया जाता है.
इसी के साथ बिहार के मिथिला क्षेत्र और नेपाल के कुछ हिस्सों में चौरचन के दौरान चंद्रमा को पवित्रता और समृद्धि के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है. इस दिन महिलाएं परिवार की खुशहाली के लिए चंद्रमा की पूजा करती हैं.