Licence For Beggars: इस देश में सरकार से लाइसेंस लेकर भीख मांगते हैं भिखारी, नहीं जानते होंगे आप
कुछ साल पहले यहां भीख मांगने वालों के लिए लाइसेंस फीस जरूरी कर दी गई है. इसका ये नियम है कि अगर कोई भीख मांगना चाहता है तो पहले उसको अनुमति लेनी पड़ेगी.
ये अनुमति उनको एक छोटी सी फीस चुकाने के बाद ही मिलेगी. एस्किलस्टूना में ये नियम साल 2019 में लागू किया गया था. इस नियम के तहत भीख मांगने वाले को एक वैलिड आईडी कार्ड मिलता है.
आईडी कार्ड के अलावा इन लोगों को 250 स्वीडिश क्रोना खर्च करने पड़ते हैं. यहां के लोकल नेताओं से हवाले से कहा गया है कि वो यहां पर भीख मांग की प्रॉसेस को मुश्किल बनाना चाहते हैं.
इसके अलावा यहां के जिम्मेदारों को ये जानने में आसानी होगी कि शहर में कहां पर कितने भिखारी हैं, जिनको भीख मांगने की जरूरत पड़ती है. ऐसे लोगों से संपर्क करने में मदद मिलेगी.
एस्किलस्टूना के म्युनिसिपल काउंसिलर का कहना है कि यहां पर इस तरह की दिक्कतों को जानबूझकर नौकरशाही ढांचे में शामिल किया जा रहा है और इसे कठिन बनाया जा रहा है.
यहां के अखबारों की मानें तो इस नियम के लागू होने के बाद यहां पर भिखारियों की संख्या कम हो रही है और ये लोग छोटे-छोटे काम कर रहे हैं. कुछ लोगों ने तो बेरीज बेचना शुरू कर दिया है.
हालांकि बहुत से लोगों ने इस नियम का विरोध किया है और कहा है कि यहां के प्रशासन की व्यवस्था की वजह से लोगों को भीख मांगने पर मजबूर होना पड़ रहा है.