यह मुस्लिम देश तकनीक का 'पावरहाउस', जानें टेक्नोलॉजी रैंकिंग में कौन-सा इस्लामी देश कितना आगे?
दुनिया भर में विज्ञान और तकनीक (Science and Technology) के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहे हैं. इस रेस में मुस्लिम देश भी अब पीछे नहीं हैं. 'ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी विकास के मामले में मुस्लिम देशों की सूची में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सबसे शीर्ष पर बना हुआ है.
पिछले कुछ वर्षों में खाड़ी देशों ने अपनी पहचान केवल 'ऑयल इकोनॉमी' के रूप में नहीं, बल्कि 'इनोवेशन हब' के तौर पर बनाई है. इस इंडेक्स में यूएई ने 30वां स्थान हासिल किया है, जो पिछले साल के 32वें स्थान से बेहतर है. यह यूएई के इतिहास की अब तक की सबसे शानदार रैंकिंग मानी जा रही है.
संयुक्त अरब अमीरात की इस सफलता के पीछे उनके बड़े और साहसी मिशन हैं. यूएई अपने 'होप प्रोब' मिशन के जरिए मंगल ग्रह (Mars) पर पहुंचने वाला पहला अरब देश बन चुका है. तकनीक के मामले में दुबई और अबू धाबी जैसे शहर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और आईओटी (IoT) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भारी निवेश कर रहे हैं.
यहां की सरकार का पूरा ध्यान स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को दुनिया में सबसे उन्नत बनाने पर है. यूएई अब खुद को भविष्य की तकनीक के लिए एक ग्लोबल सेंटर के रूप में तैयार कर रहा है.
तकनीकी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर मलेशिया का नाम आता है. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 में मलेशिया 139 देशों की अर्थव्यवस्थाओं में 34वें स्थान पर रहा है. मलेशिया की सबसे बड़ी ताकत उसकी डिजिटल इकोनॉमी और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग है. दुनिया भर की टेक कंपनियां अब मलेशिया को अपना बड़ा केंद्र बना रही हैं.
वहीं, तुर्की इस सूची में 43वें स्थान पर है. हालांकि पिछले साल के मुकाबले इसकी रैंकिंग में गिरावट आई है, लेकिन रक्षा क्षेत्र और ड्रोन तकनीक में तुर्की दुनिया का नेतृत्व कर रहा है. 'बेराख्तर' जैसे उन्नत ड्रोन और स्वदेशी लड़ाकू विमानों के निर्माण ने तुर्की को दुनिया के अग्रणी देशों की कतार में खड़ा कर दिया है.
मिडिल ईस्ट में जारी इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष के बावजूद ईरान ने वैज्ञानिक शोध में अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी है. ईरान विशेष रूप से जीन थेरेपी, CRISPR और मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी जैसे जटिल विज्ञान के क्षेत्रों में सभी मुस्लिम देशों में प्रथम स्थान पर है. ग्लोबल रैंकिंग में ईरान फिलहाल 70वें नंबर पर है, जो उसकी वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाता है.