इन मुस्लिम देशों में बुर्का नहीं पहन सकतीं महिलाएं, जानिए कहां-कहां है बैन
हालांकि, कजाकिस्तान बुर्का पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश नहीं है. इससे पहले भी कई मुस्लिम देश बुर्के पर बैन लगा चुके हैं. यहां तक कि कई देशों में महिलाओं के हिजाब पहनने पर भी पाबंदी है. आज हम आपको इन्हीं देशों के बारे में बताएंगे.
पहले तो यह जान लें कि बुर्का एक अरबी शब्द है, जिसका इस्तेमाल सातवीं शताब्दी से हो रहा है. बहुत से लोग मानते हैं कि बुर्के की शुरुआत अरब देशों से ही हुई, लेकिन यह सही नहीं है. बहुत से इतिहासकार मानते हैं कि बुर्का पहली बार ईरान में पहना गया था.
हालांकि, अब कई मुस्लिम देश बुर्के पर प्रतिबंध लगा रहे हैं. जिन मुस्लिम देशों में बुर्के पर बैन लगाया जा चुका है उनमें अल्जीरिया, तुनिशिया, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तार, उज्बेकिस्तान, चाड जैसे देश शामिल हैं. यहां बुर्का पहनने को लेकर शख्त कानून भी है.
वहीं, बुर्के पर सबसे पहले प्रतिबंध की शुरुआत यूरोपीय देशों से हुई थी. यूरोप में फ्रांस ऐसा पहला देश था, जिसने बुर्के पर प्रतिबंध लगाया था. यहां महिलाओं के बुर्का पहनने पर 150 यूरो का जुर्माना है. अगर कोई व्यक्ति महिलाओं को बुर्का पहनने पर मजबूर करता है तो उस पर 30,000 यूरो का जुर्माना लगाया जाता है.
फ्रांस के अलावा बेल्जियम, डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, बुल्गारिया, जर्मनी, इटली भी उन देशों में शामिल हैं, जहां बुर्का पहनने पर प्रतिबंध है.
जहां तक भारत की बात है तो यहां बुर्का पहनने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है. हालांकि, इस विषय पर लंबे समय से विवाद बना हुआ है. बीते सालों में स्कूल-कॉलेजों में बुर्का और हिजाब को लेकर विवाद की कई घटनाएं सामने आई थीं.