Global Tea Culture: क्या सिर्फ भारत में ही पी जाती है दूध वाली चाय, जानें बाकी देशों की क्या है पसंद
भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में दूध वाली चाय पी जाती है. यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है बल्कि मेहमान नवाजी और दिन की शुरुआत करने के लिए एक आदत भी है.
ब्रिटेन में चाय में दूध मिलाना 17वीं शताब्दी से चला आ रहा है. ब्रिटिश लोग काली चाय का मजा दूध के छींटों के साथ लेते हैं. इसे हाई टी कहा जाता है. आपको बता दें कि दूध मिलाने की प्रथा सबसे पहले नाजुक चीनी मिट्टी के कपों में गर्म चाय डालते समय टूटने से बचाने के लिए शुरू की गई थी.
पूर्वी एशिया में ताइवान ने बबल टी का आविष्कार किया. यह चाय दूध और चबाने वाले टैपिओका मोतियों का एक मीठा मिश्रण है.
थाईलैंड की प्रसिद्ध थाई चाय कड़क काली चाय, चीनी और गधे दूध से बनाई जाती है. इसे बर्फ पर भरोसा जाता है. इसका रंग चमकीला नारंगी होता है.
मलेशिया और सिंगापुर में दूध वाली चाय तेह तारिक कहलाती है. इसका मतलब होता है खींची हुई चाय. इसे एक कप से दूसरे कप में बार-बार डालकर झाग बनाए जाते हैं.
चीन और जापान में चाय एक कला के रूप में देखी जाती है. यहां पत्तियों की शुद्धता और सुगंध को बनाए रखने के लिए हरी, ऊलोंग और काली चाय बिना दूध के पी जाती है. ठीक इसी तरह दुनिया का सबसे बड़ा चाय उपभोक्ता तुर्की छोटे गिलासों में बिना दूध की कड़क काली चाय पीता है.