IPL में ऑनलाइन सट्टा लगाने पर क्या मिलती है सजा? ये है कानून
आईपीएल में सट्टा लाइन पर चलता है. लाइन का नंबर छोटे शहरों में बैठे बुकी के पास होता है. बुकी ही लोगों को सट्टा खिलवाते हैं.
मैच शुरू होने के साथ ही एक-एक गेंद पर भाव तय हो जाता है. मजबूत और कमजोर टीम के हिसाब से भाव तय होता है. इसी भाव के आधार पर ही प्रति ओवर और प्रति बॉल के हिसाब से सट्टा लगाया जाता है.
आईपीएल में सट्टा लगने पर नगद में लेनदेन नहीं होता है. सारा खेल फोन पर बैठे-बैठे होता है. मोबाइल वॉलेट और खाते के जरिए पैसे इधर-उधर ट्रांसफर किए जाते हैं.
भारत में सट्टेबाजी के खिलाफ कानून सख्त है. यहां अगर बिना सरकार की इजाजत के सट्टा खेला जाता है तो आईपीसी 1860 की धारा 294 (क) के तहत कार्रवाई होती है.
इस कानून में पुलिस को यह अधिकार है कि वह ऐसे लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ मकदमा दर्ज करके कोर्ट में दंड के लिए पेश करे.
केंद्रीय कानून सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 के तहत अगर कोई व्यक्ति सट्टा खेलते हुए पकड़ा जाता है तो पुलिस उसको तुरंत गिरफ्तार कर लेती है.
इसके बाद उसको अदालत में पेश किया जाता है और अदालत में सट्टा खेलने के जुर्म में 200 रुपये का जुर्माना या तीन महीने की सजा का प्रावधान है. कई बार सजा और जुर्माना दोनों होते हैं.