पासपोर्ट रैंकिंग में मजबूत हुआ भारत, लेकिन इन 2 देशों में अब नहीं मिल रही वीजा फ्री एंट्री, जानें क्यों?
लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के मुताबिक भारत 75वें स्थान पर पहुंच गया है. यह पिछले साल से 10 स्थान ऊपर है. यह सुधार ग्लोबल पासपोर्ट के बीच बेहतर स्थिति को दिखाता है. हालांकि भारत के लिए वीजा फ्रेंडली डेस्टिनेशन की कुल संख्या काफी जरूरी बनी हुई है, लेकिन रैंकिंग इस बात पर निर्भर करती है कि इसी समय में दूसरे देश कैसा परफॉर्म करते हैं.
भारतीय यात्रियों पर असर डालने वाले बड़े बदलावों में से एक ईरान में वीजा फ्री एंट्री पर रोक लगाना है. नवंबर 2025 में ईरान ने भारतीय नागरिकों के लिए इस सुविधा को खत्म कर दिया था. भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह फैसला धोखाधड़ी और मानव तस्करी की चिंता से जुड़ा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ भारतीयों को कथित तौर पर नकली नौकरी के ऑफर देकर ईरान लाया गया था. इन सुरक्षा चिंताओं की वजह से भारतीयों को अब ईरान जाने से पहले वीजा लेना होगा.
बोलिविया ने भारतीय नागरिकों के लिए अपने एंट्री नियमों में बदलाव किया है. देश ने अपने विजा ऑन अराइवल सिस्टम को जरूरी ई वीजा प्रोसेस से बदल दिया है. अब क्योंकि ई वीजा के लिए यात्रा से पहले ऑनलाइन मंजूरी की जरूरत होती है, इस वजह से यह अब वीजा ऑन अराइवल एक्सेस के तौर पर क्वालीफाई नहीं करता.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स देशों को सिर्फ इस आधार पर रैंक नहीं करता कि वह कितनी जगह पर जा सकते हैं. दरअसल यह पासपोर्ट को एक दूसरे के मुकाबले इवैल्यूएट करता है. पिछले साल कई दूसरे देशों में भारत की तुलना में वीजा फ्री एक्सेस में कमी आई या फिर सुधार कम हुआ. इसी कम्पेरेटिव बदलाव से भारत को रैंकिंग में ऊपर आने में मदद मिली.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया भर के 227 जगहों के मुकाबले 199 पासपोर्ट को इवैल्यूएट करता है. यह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा पर आधारित है. उन जगहों के लिए पॉइंट दिए जाते हैं जहां पर यात्री वीजा फ्री जा सकते हैं या फिर पहुंचने पर वीजा ले सकते हैं या सीमित इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन पा सकते हैं. एक्सेसिबल जगहों की कुल संख्या पासपोर्ट का स्कोर और ग्लोबल रैंकिंग को तय करती है.
भारत को अभी दर्जनों देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल एक्सेस मिला हुआ है. ईरान और बोलिविया में बदलाव के बावजूद भी इसकी ओवरऑल मोबिलिटी पोजीशन पहले से और भी ज्यादा मजबूत बनी हुई है. 10 स्थान की छलांग यह दिखाती है कि पासपोर्ट पावर डायनेमिक है और डिप्लोमेटिक रिलेशन, सुरक्षा चिंताओं और ग्लोबल ट्रैवल पॉलिसी से प्रभावित होती है.