Brahmos Missile: ब्रह्मोस से लेकर अग्नि और प्रलय तक, कैसे रखे जाते हैं दुश्मन को तबाह करने वाली मिसाइलों के नाम?
भारतीय एयरफोर्स ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त वार किया, बताया जा रहा है कि इस पूरे ऑपरेशन में ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल हुआ, जिन्हें राफेल से दागा गया था.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ब्रह्मोस को लेकर लोग कई तरह के सवाल पूछ रहे हैं. लोग इस मिसाइल की मारक क्षमता और इसके नाम के पीछे की वजह सर्च कर रहे हैं. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि दुश्मन को तबाह करने वाली इन मिसाइलों का नामकरण कैसे होता है.
भारत के पास ब्रह्मोस के अलावा आकाश, अग्नि, पृथ्वी और प्रलय जैसी मिसाइले हैं. इसके अलावा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को सुदर्शन चक्र का नाम दिया गया है, जिसने पूरे देश को अपनी काबलियत दिखाई है.
अब मिसाइलों के नाम की बात करें तो इनका नाम इनके काम से जुड़ा होता है. यानी जिस मिसाइल का नेचर जैसा है, उसे वैसा ही नाम दिया जाता है. आमतौर पर ये नाम पौराणिक होते हैं, जिनमें ज्यादातर शस्त्रों का नाम होता है.
ब्रह्मोस मिसाइल एक सुपरसोनिक मिसाइल है, इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मोस्कवा नदी पर रखा गया है. इसी तरह अग्नि एक प्रक्षेप मिसाइल है, जिसमें एनर्जी काफी ज्यादा यूज होती है. सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का नाम पृथ्वी रखा गया.
इसी तरह आकाश मिसाइल सतह से आकाश में दुश्मन पर मार करती है, इसीलिए इसका नाम भी आकाश रखा गया है. भारत की बाकी मिसाइलों के नाम भी इसी तरह उनके काम करने के तरीके और मारक क्षमता पर रखे गए हैं.