रोजमर्रा की किन चीजों में मिलाया जा रहा मांसाहार, कैसे करें इसकी जांच?

स्पर्श गोयल   |  10 Sep 2026 03:27 PM (IST)
रोजमर्रा की किन चीजों में मिलाया जा रहा मांसाहार, कैसे करें इसकी जांच?

Non-Vegetarian Ingredients in Food: रोजमर्रा की कई चीजें हैं जो पहली नजर में शाकाहारी लग सकती हैं लेकिन उनमें जानवरों या फिर कीड़ों से बनी चीज हो सकती हैं. इनका इस्तेमाल स्टेबलाइजर, एंजाइम, रंग या फिर बनावट को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. आइए जानते हैं उन सभी चीजों के बारे में जिनमें कुछ ऐसे पदार्थ हो सकते हैं जिन्हें ग्राहक तुरंत पहचान नहीं पाते.

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जिलेटिन जिसे E441 या INS441 के तौर पर लिखा जाता है, का इस्तेमाल आमतौर पर जैम, जेली और गमी कैंडी को उनकी खास बनावट देने के लिए किया जाता है. यह जानवरों से मिलने वाले कोलेजन से बनता है. इसमें हड्डी, खाल और कनेक्टिव टिश्यू से मिलने वाली चीज शामिल होती हैं.

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कुछ चॉकलेट और आइसक्रीम में शेलैक हो सकता है. यह कीड़ों के स्राव से मिलने वाली चीज है और चमकदार फिनिश देती है. कुछ पारंपरिक चीज और डेयरी उत्पादों में जानवरों से मिलने वाले रेनेट का भी इस्तेमाल हो सकता है. यह पारंपरिक रूप से बछड़े के पेट से मिलने वाला एंजाइम है.

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ब्रेड, डोनेट और बेकरी के दूसरे उत्पादों में L-सिस्टीन हो सकता है. इसका इस्तेमाल आटे को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. इसे बनाने के तरीके के आधार पर L-सिस्टीन जानवरों के स्रोतों जैसे पंख या फिर बाल से मिल सकता है.

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कुछ कैंडी, ड्रिंक, सॉस और चेरी फ्लेवर वाले उत्पादों में चमकीला रंग कारमाइन या फिर कोचीनियल से आ सकता है. यह रंग कीड़ों से मिलता है. इस वजह से जिन उत्पादों में यह होता है वह उन लोगों के लिए सही नहीं है जो जानवरों से मिलने वाली चीजों से बचते हैं.

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इंपोर्टेड चीज की पारंपरिक किसने जिनमें कुछ असली पारमेजान और गौडा शामिल है, को दूध को जमाने के लिए जानवरों से मिलने वाले रेनेट का इस्तेमाल करके बनाया जा सकता है. शाकाहारी चीज चाहने वाले ग्राहकों को खास तौर पर यह देखना चाहिए कि उत्पादों में माइक्रोबियल या फिर पौधों से मिलने वाले रेनेट का इस्तेमाल किया गया है या फिर नहीं.

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मिठाइयों और पान पर इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक चांदी का वर्क पहले जानवरों की आंत की परतों के बीच चांदी को कूटकर बनाया जाता था. बनाने के आधुनिक तरीकों में मशीनी विकल्पों का इस्तेमाल हो सकता है.

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कुछ क्रेयॉन में स्टीयरिक एसिड हो सकता है जो एक फैटी एसिड है. यह जानवरों की चर्बी या फिर पौधों से मिल सकता है और क्रेयॉन को सही टेक्सचर देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

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छिपी हुई सामग्री का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है पूरी सामग्री की लिस्ट पढ़ी जाए और पैकेट वाले खाने पर FSSAI का शाकाहारी या फिर मांसाहारी सिंबल देखा जाए. ग्राहक पैकेट पर छपे कोड भी देख सकते हैं.

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