Prison Escape Law: इस देश में जेल से भागना नहीं है गैरकानूनी, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Prison Escape Law: दुनिया भर के ज्यादातर देशों में जेल से भागना एक गंभीर जुर्म माना जाता है. इसके लिए जेल की सजा और लंबी भी हो सकती है. लेकिन कुछ जगहें ही ऐसी भी हैं जहां पर कानून इस स्थिति को अलग तरीके से देखता है. आइए जानते हैं उस देश के बारे में जहां पर जेल से भागना कोई जुर्म नहीं है.
जर्मन कानूनी सोच इस विचार पर बनी है कि हर इंसान नैचुरली आजादी चाहता है. कानून बनाने वालों का ऐसा मानना है कि जेल से भागने की कोशिश करना एक बेसिक इंसानी रिएक्शन है. जर्मन कानून इसे कोई क्रिमिनल इरादा नहीं मानता.
अगर कोई कैदी भागने में कामयाब हो भी जाता है और बाद में अधिकारी उसे पकड़ लेते हैं तो कानून अपने आप उसकी सजा में एक्स्ट्रा साल नहीं जोड़ता. उस व्यक्ति को बस वापस जेल भेज दिया जाता है.
हालांकि भागना अपने आप में गैर कानूनी नहीं है लेकिन कोशिश के दौरान किया गया कोई भी अपराध गंभीर अपराध माना जाता है. जैसे अगर कोई कैदी जेल की प्रॉपर्टी तोड़ता है, गार्ड पर हमला करता है, सामान चुराता है या फिर भागते समय रिश्वत देता है तो उस पर उन खास कामों के लिए और क्रिमिनल चार्ज और लंबी सजा हो सकती है.
जर्मन कानून सिर्फ उस काम को बर्दाश्त करता है जब कोई कैदी खुद से भागने की कोशिश करता है. अगर कोई बाहरी व्यक्ति किसी कैदी को औजार, ट्रांसपोर्टेशन या रहने की जगह देकर भागने में मदद करता है तो उस व्यक्ति पर क्रिमिनल चार्ज लगा सकते हैं.
भले ही यह काम अपराध ना हो फिर भी यह जेल के अंदर कैदी की स्थिति पर बुरा असर डाल सकता है. अगर कोई कैदी भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा जाता है तो अधिकारी पैरोल के मौके और जल्दी रिहाई के फायदे जैसे खास अधिकार कम कर सकते हैं.
जर्मनी अकेला ऐसा देश नहीं है जहां पर यह अजीब कानूनी नियम है. ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और मेक्सिको जैसे देशों में भी इसी सिस्टम को माना जाता है.