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इस देश में पैदा होते ही गाय बन जाती हैं ‘सरकारी नागरिक’, जानिए कैसे और क्यों बनता है मवेशियों का पासपोर्ट?

निधि पाल   |  30 Jan 2026 09:11 AM (IST)
इस देश में पैदा होते ही गाय बन जाती हैं ‘सरकारी नागरिक’, जानिए कैसे और क्यों बनता है मवेशियों का पासपोर्ट?

क्या आपने कभी सोचा है कि किसी देश में इंसानों की तरह गायों के भी पासपोर्ट होते हैं? सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यह बिल्कुल सच है. यूरोप के एक देश में हर गाय का जन्म होते ही उसका रजिस्ट्रेशन होता है और उसे कानूनी पहचान दी जाती है. यह व्यवस्था केवल कागजी नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा से लेकर बीमारी रोकने तक में अहम भूमिका निभाती है. आइए जानें कि यह व्यवस्था आखिर क्यों बनाई गई और किस देश में ऐसा होता है.

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आयरलैंड दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जहां हर गाय के लिए कानूनी रूप से पासपोर्ट जारी किया जाता है. इसे कैटल पासपोर्ट कहा जाता है. यह नियम 1 जुलाई 1996 से लागू है और तब से अब तक आयरलैंड में पैदा होने वाली हर गाय इस प्रणाली के तहत दर्ज की जाती है.

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इस पासपोर्ट में गाय की पूरी पहचान, जन्म की तारीख और उसके जीवन से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज रहती हैं. गाय के पासपोर्ट में उसका यूनिक आईडी नंबर, जन्म का स्थान, जन्म की तारीख, नस्ल और वंशावली की जानकारी होती है.

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इसके साथ ही गाय को कब-कब एक जगह से दूसरी जगह ले जाया गया, उसका पूरा रिकॉर्ड भी इसमें दर्ज किया जाता है. इससे यह पता लगाया जा सकता है कि गाय खेत से बाजार और बाजार से स्लॉटरहाउस तक किन रास्तों से गुजरी.

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इस सिस्टम का सबसे बड़ा मकसद खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है. अगर किसी बीमारी या दूषित मांस की शिकायत सामने आती है, तो प्रशासन तुरंत उस गाय की पूरी हिस्ट्री ट्रेस कर सकता है. इससे यह पता लगाना आसान हो जाता है कि समस्या कहां से शुरू हुई और आगे फैलने से कैसे रोका जाए. इसके अलावा पशु कल्याण और अवैध तस्करी रोकने में भी यह व्यवस्था मददगार है.

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आयरलैंड में किसी भी बछड़े के जन्म के 27 दिनों के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. इसके लिए उसके कान में टैग लगाया जाता है, जिसमें पहचान संख्या होती है. इसके बाद ही कैटल पासपोर्ट जारी किया जाता है. बिना पासपोर्ट के न तो गाय को बेचा जा सकता है, न एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है और न ही निर्यात किया जा सकता है.

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2025 से आयरलैंड ने इस सिस्टम को और मजबूत करने का फैसला किया है. अब गायों के पासपोर्ट में फोटो आईडी जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इससे पहचान और पुख्ता होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश और कम हो जाएगी. यह पूरी व्यवस्था आयरलैंड के राष्ट्रीय पशुधन ट्रैकिंग सिस्टम AIM का हिस्सा है.

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हालांकि गायों के लिए पासपोर्ट जैसी व्यवस्था सबसे सख्त रूप में आयरलैंड में है, लेकिन कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी आरएफआईडी टैग के जरिए मवेशियों की पहचान और ट्रैकिंग की जाती है. भारत में भी मवेशियों को यूनिक पहचान देने के लिए आधार जैसी प्रणाली पर चर्चा और कुछ राज्यों में प्रयोग हो चुके हैं.

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