परमाणु बम फट जाए तो बचने के लिए मिलता है कितना वक्त, जानें इससे कितने तरीके की रेज निकलती हैं?

भारत ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था. जिसमें नौ आतंकी ठिकाने तबाह हो गए थे. पाकिस्तान इसके बाद से बौखलाया हुआ है और भारत की तरफ एक के बाद एक ड्रोन के जरिए हमले कर रहा है. लेकिन भारत ने उसको करारा जवाब दिया है और तमाम ड्रोन्स को मारकर गिरा दिया है. इसी बीच पाकिस्तान के मंत्रियों ने परमाणु हमले की भी धमकी दी थी. चलिए जानें कि अगर परमाणु बम फटे तो बचने का कितना वक्त मिलता है और इसके कितनी तरीके की खतरनाक किरणें निकलती हैं.
रिपोर्ट की मानें तो परमाणु बम जब फटता है तो 100 सूरज जितनी चमक होगी. जहां परमाणु ब्लास्ट होगा, वहां 100 किलोमीटर के दायरे में लोग अंधे भी हो सकते हैं.
खबरों की मानें तो तेज रोशनी के अलावा तापमान भी दस लाख डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे कई लोग और इमारतें खत्म हो सकती हैं.
रिपोर्ट के अनुसार 10 किलोमीटर के दायरे में सभी इमारतें और पेड़ कुछ भी नहीं बचेगा. इसकदर तूफान चलेगा कि इसमें आग की लपटें होंगी, जिससे धरती पूरी तरह से गर्म हो जाएगी.
इससे आसमान में एक आदल बनता है, जिससे रेडियोएक्टिव कण 100 किलोमीटर तक फैलकर खतरनाक रेडिएशन फैलाएंगे. खबरों की मानें तो ब्लास्ट के एक घंटे में करीब 2 लाख लोगों के मरने क संभावना है.
परमाणु बम फटने के बाद कुछ सेकेंड या सिर्फ कुछ मिनट का ही समय बचने के लिए मिल सकता है. हालांकि यह विस्फोट की शक्ति और दूरी पर निर्भर करता है.
परमाणु विस्फोट से कई तरह की किरणें निकलती हैं, जिनमें आयनकारी विकिरण, गर्मी और विस्फोट शामिल है.
आयनकारी विकिरण में गामा किरणों के साथ-साथ अल्फा कण, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन निकलते हैं. इसके अलावा इससे बहुत तेज शॉकवेव निकलती है, जो कि खतरनाक होती है.