Space Colony: स्पेस में बनी इंसानी कॉलोनी तो कैसे होंगे घर, जानें पृथ्वी से कितना होगा अलग?

Space Colony: सोचिए कि आप एक ऐसे घर में जागते हैं जहां पर बिना सुरक्षा के बाहर कदम रखना तत्काल खतरे की वजह बन सकता है. अंतरिक्ष में मानव बस्तियां घर की हमारी परिभाषा को पूरी तरह से बदल देंगी. आइए जानते हैं कि अगर स्पेस में इंसानी कॉलोनी बनी तो वहां पर घर कैसे होंगे.
पृथ्वी पर घरों के उलट जो प्राकृतिक वायु और मौसम प्रणालियों पर निर्भर होते हैं अंतरिक्ष घरों को पूरी तरह से सील बंद और वायु रोधी बनाया जा सकता है. दबाव और ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखने के लिए अंदर की हवा के हर मॉलिक्यूल को काफी नियंत्रित किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि हल्का सा रिसाव भी बड़ा विनाशकारी साबित हो सकता है.
पृथ्वी से निर्माण सामग्री का परिवहन महंगा है. इस वजह से वैज्ञानिक चंद्रमा या फिर मंगल की मिट्टी जैसे संसाधनों का ही इस्तेमाल करेंगे. एडवांस्ड 3D प्रिंटिंग तकनीक से पूरे घर का निर्माण किया जा सकता है. इससे लागत कम होगी और कॉलोनी का तेजी से विस्तार मुमकिन हो पाएगा.
क्योंकि अंतरिक्ष में पृथ्वी जैसा गुरुत्वाकर्षण नहीं है इस वजह से भविष्य की कॉलोनियां अपकेंद्रीय बल का इस्तेमाल करके आर्टिफिशियल ग्रेविटी उत्पन्न करने के लिए घूम सकती हैं. दरअसल कुछ डिजाइन पहिए की तरह घूमने वाले होंगे जिससे नकली गुरुत्वाकर्षण बनाया जा सके. इससे निवासियों को चलने, सोने और सामान्य रूप से काम करने में मदद मिलेगी.
अंतरिक्ष हानिकारक कॉस्मिक रेडिएशन से भरा हुआ है. यह मानव कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे बचने के लिए घरों में या तो मोटी सुरक्षात्मक दीवारें होंगी या फिर उन्हें भूमिगत बनाया जाएगा.
अंतरिक्ष में कुछ भी बर्बाद नहीं किया जा सकता. पानी, ऑक्सीजन और यहां तक की शारीरिक तरल पदार्थ को भी 98% तक की एक्सट्रीम एफिशिएंसी के साथ रीसायकल किया जाएगा. यह बंद लूप प्रणाली स्थिरता को मजबूत करती है. इससे अंतरिक्ष के घर पृथ्वी पर मौजूद किसी भी घर की तुलना में संसाधनों के प्रति काफी ज्यादा सजग होंगे.
पृथ्वी से दूर एकांत में रहने से मानसिक स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. इससे निपटने के लिए घरों में ऐसी वर्चुअल खिड़कियां बनाई जा सकती हैं जो पृथ्वी के प्राकृतिक नजारों को दिखाएंगी.