Baby Born In Space: स्पेस में अगर पैदा हो बच्चा तो कैसा होगा उसका शरीर, क्या उसमें होंगी एलियंस की शक्तियां
अंतरिक्ष में ग्रेविटी लगभग नहीं होती है. आपको बता दें कि मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण के लिए ग्रेविटी जरूरी होती है. माइक्रो ग्रेविटी में पैदा होने वाले बच्चों को वह प्राकृतिक मैकेनिक तनाव महसूस नहीं होगा जो पृथ्वी पर कंकाल प्रणाली को मजबूत करता है. इस वजह से उनकी हड्डियां कम घनी हो सकती हैं और मांसपेशियां भी अविकसित हो सकती हैं.
माइक्रो ग्रेविटी में शरीर में तरल पदार्थ समान रूप से नहीं बंटता. ज्यादा खून और तरल पदार्थ ऊपरी शरीर और सिर की तरफ चला जाता है. अंतरिक्ष में पैदा हुए बच्चे के लिए इससे चेहरा फूला हुआ, खोपड़ी के अंदर दबाव में बदलाव और मस्तिष्क के विकास और दृष्टि पर लंबे समय तक प्रभाव पड़ सकता है.
पृथ्वी पर ग्रेविटी जीवन भर रीढ़ की हड्डी को थोड़ा दबाती रहती है. अंतरिक्ष में रीढ़ की हड्डी ज्यादा आराम की स्थिति में रहती है. अंतरिक्ष में पैदा हुआ बच्चा लंबा हो सकता है क्योंकि कशेरुकाओं के बीच कोई गुरुत्वाकर्षण कंप्रेशन नहीं होता है. इस वजह से रीढ़ की हड्डी लंबी हो जाती है.
अंतरिक्ष रेडिएशन और रोगाणु मुक्त रहने की स्थिति इम्यून सिस्टम के विकास के तरीके के बीच में आ सकती है. अंतरिक्ष में पैदा हुए बच्चे को मजबूत इम्यूनिटी बनाने में मुश्किल हो सकती है. इससे वे संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाएंगे.
पृथ्वी के उलट अंतरिक्ष उच्च ऊर्जा कॉस्मिक रेडिएशन से काफी कम सुरक्षा प्रदान करता है. विकास के दौरान लंबे समय तक संपर्क में रहने की वजह से डीएनए में म्यूटेशन हो सकता है. यह बदलाव एलियन शक्तियां पैदा नहीं करेंगे लेकिन वह स्वास्थ्य के उन जोखिम की वजह बन सकते हैं जिन में असामान्य शारीरिक लक्षण या लंबे समय तक अनुवांशिक अस्थिरता शामिल है.
अंतरिक्ष में पैदा हुआ बच्चा शायद कम ग्रेविटी वाले वातावरण के लिए ज्यादा अनुकूल होगा लेकिन पृथ्वी के लिए वह ठीक नहीं होगा. पृथ्वी पर लौटना शारीरिक रूप से दर्दनाक हो सकता है. क्योंकि उनका दिल, हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत ग्रेविटी को अच्छी तरह से संभाल नहीं पाएंगे. इससे यह पता चलता है कि अंतरिक्ष में पैदा हुआ बच्चा एलियन शक्ति वाला कोई सुपरह्यूमन नहीं होगा, बस बायोलॉजिकली स्पेशलाइज्ड होगा.