ट्रांसफर होने पर IAS अफसरों को क्या सुविधाएं मिलती हैं, सैलरी से अलग कितना मिलता है पैसा?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि जब सरकार किसी आईएएस अधिकारी का एक जगह से दूसरी जगह तबादला करती है, तो क्या अधिकारी को ट्रांसफर से जुड़े सभी खर्च खुद उठाने पड़ते हैं या सरकार उन्हें कोई सुविधाएं भी देती है. सच्चाई यह है कि ट्रांसफर के दौरान सरकार अधिकारियों को कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराती है.
जब भी किसी आईएएस अधिकारी का ट्रांसफर होता है, तो नई पोस्टिंग वाली जगह पर उन्हें सरकारी बंगला या क्वार्टर दिया जाता है. अगर तुरंत आवास उपलब्ध नहीं हो पाता, तो अस्थायी तौर पर सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था की जाती है. घर में इस्तेमाल होने वाले जरूरी फर्नीचर और सामान का खर्च भी सरकार ही उठाती है.
कामकाज के लिए आईएएस अधिकारी को सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है. पद और आवश्यकता के अनुसार एक से लेकर तीन तक वाहन दिए जा सकते हैं. इन वाहनों के लिए ड्राइवर भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाते हैं.
आईएएस अधिकारी के तबादले के दौरान सरकार उन्हें एकमुश्त राशि भी देती है, जिसे CTG कहा जाता है. यह राशि मूल वेतन के लगभग 80 प्रतिशत तक हो सकती है. इसका उद्देश्य नई जगह पर शुरुआती खर्चों में अधिकारी की मदद करना होता है.
जिला कलेक्टर या अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. जरूरत के अनुसार उन्हें होम गार्ड, बॉडीगार्ड और पुलिस कर्मियों के जरिए सुरक्षा मुहैया कराई जाती है
पुरानी पोस्टिंग से नई जगह तक फर्नीचर और घर का अन्य सामान पहुंचाने का खर्च भी सरकार वहन करती है. इससे अधिकारी को नई जगह पर शिफ्ट होने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती.
आईएएस अधिकारी को महंगाई भत्ता यानी DA भी दिया जाता है, जो उनके मूल वेतन के आधार पर तय होता है और समय-समय पर महंगाई के हिसाब से इसमें बदलाव किया जाता है. इसके अलावा उन्हें मकान किराया भत्ता यानी HRA की सुविधा भी मिलती है, जो उस शहर पर निर्भर करता है जहां उनकी पोस्टिंग होती है. बड़े और महंगे शहरों में रहने का खर्च ज्यादा होने के कारण वहां HRA भी अधिक मिलता है.