ये है दुनिया का सबसे सबसे ऊंचा पुल, लागत सुनते ही उड़ जाएंगे होश
गुइझोऊ प्रांत में बने ग्रैंड कैनियन ब्रिज को रविवार को आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया. इस ब्रिज को बनाने में 3 साल का समय लगा था. ग्रैंड कैनियन ब्रिज का काम 2022 में शुरू किया गया था. यह पुल एफिल टावर से 9 गुना ऊंचा है और इसे बनाने में करीब 283 मिलियन डॉलर यानी 2484 करोड रुपये का खर्च आया था.
ग्रैंड कैनियन ब्रिज की ऊंचाई 625 मीटर है. यह पुल बुर्ज खलीफा से लगभग 203 मीटर छोटा है, लेकिन एफिल टावर की तुलना में 9 गुना ज्यादा ऊंचा है. पुल की कुल लंबाई 2890 मीटर है और इसका मुख्य स्पेन 1420 मीटर लंबा है. वहीं इस पुल को बनाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि इसे बेइपान नदी की घाटी पर चट्टानों और खतरनाक ढलानों के बीच बनाया गया .
इस पुल के बन जाने से गुइझोऊ प्रांत में यात्रा का समय बहुत कम हो गया. घाटी को पार करने में जहां पहले 2 घंटे लगते थे, वहीं अब सफर सिर्फ 2 मिनट में पूरा हो रहा है. एक्सपर्ट्स इस पुल को चीन में क्षेत्रीय परिवहन को नई दिशा देने वाला बता रहे हैं.
वहीं चीन के ग्रैंड कैनियन ब्रिज पुल पर जाने के लिए किसी भी प्रकार के टिकट की आवश्यकता नहीं होगी. यह पुल स्थानीय परिवहन में सुधार के लिए बनाया गया है. इस पुल को बनाने का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.
चीन के इस पुल के पहले गुइझोऊ प्रांत का ही बेइपानजियांग ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा पुल था. ग्रैंड कैनियन ब्रिज ने उसका रिकॉर्ड तोड़ दिया है. चीन में दुनिया के 100 सबसे ज्यादा ऊंचे पुलों में से लगभग आधे मौजूद हैं. इस वजह से गुइझोऊ को दुनिया का पुल संग्रहालय भी कहा जाता है.
चीन के गुइझोऊ जैसे पहाड़ी इलाके में सड़कें और पुल जीवन रेखा का काम करते हैं. यह पुल गुइयांग, अंशुन और कियानक्सिनन जैसे शहरों के बीच संपर्क को मजबूत करेगा.